पहली बार सेना में अधिकारी बनीं NDA बैच की 14 बेटियां, IMA में रचा इतिहास

सांकेतिक फोटो (Social Media)
NDA Passing Out Parade 2026: देहरादून IMA और हैदराबाद में 746 कैडेट्स पास आउट हुए. इतिहास में पहली बार NDA बैच की 14 बेटियां सेना में अफसर बनीं.
NDA Passing Out Parade 2026: भारतीय सेना और देश की बेटियों के लिए 13 जून 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है. देश में पहली बार नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के पहले महिला बैच की 14 बेटियां एक साल की बेहद कठिन ट्रेनिंग पूरी कर इंडियन आर्मी और एयर फोर्स में अफसर बन गई हैं. देहरादून की इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) और हैदराबाद की डुंडीगल एयर फोर्स एकेडमी में आयोजित NDA Passing Out Parade 2026 के बाद इन बेटियों को सेना में कमीशन मिला.
यह ऐतिहासिक पल इसलिए खास है क्योंकि जून 2022 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही महिलाओं के लिए एनडीए के दरवाजे खोले गए थे.इस बार देहरादून और हैदराबाद दोनों जगहों को मिलाकर कुल 746 कैडेट्स भारतीय सेना का हिस्सा बने हैं.
NDA Passing Out Parade 2026: हैदराबाद में सजी परेड
13 जून, 2026 को शनिवार के दिन देश के दो बड़े सैन्य केंद्रों पर जोश और गर्व का माहौल था. देहरादून के आईएमए (IMA) से इस बार 515 कैडेट पास आउट हुए, जिनमें 16 अलग-अलग देशों के 34 विदेशी कैडेट भी शामिल हैं. वहीं, हैदराबाद की डुंडीगल एयर फोर्स एकेडमी से 231 फ्लाइट कैडेट्स ने अपनी प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग पूरी की.
NDA Women Cadets: 14 बेटियों ने रचा नया इतिहास
इस पासिंग आउट परेड (NDA Passing Out Parade 2026) की सबसे बड़ी खूबसूरती देश की 14 बेटियां रहीं. इनमें से 9 महिला कैडेट्स देहरादून के आईएमए से पास आउट होकर भारतीय थलसेना (आर्मी) में अधिकारी बनी हैं, जबकि 5 महिला कैडेट्स हैदराबाद से पास आउट होकर भारतीय वायुसेना (एयर फोर्स) में अफसर बनी हैं. वैसे तो एयर फोर्स में कुल 37 महिला कैडेट्स पास आउट हुई हैं, लेकिन इनमें से 5 कैडेट्स एनडीए के पहले महिला बैच का हिस्सा हैं.
IMA के 94 साल के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा
देहरादून की भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की स्थापना 1 अक्टूबर 1932 को हुई थी. पिछले 94 सालों में इस अकादमी ने देश को 65 हजार से ज्यादा जांबाज सैनिक दिए हैं. लेकिन यह पहली बार हुआ है जब आईएमए के ड्रिल स्क्वायर पर महिला कैडेट्स ने पुरुष कैडेट्स के साथ कदमताल किया और “अंतिम पग” पार कर सेना में अफसर बनीं. इससे पहले महिलाएं केवल शॉर्ट सर्विस कमीशन या मेडिकल सेवाओं के जरिए ही सेना में जाती थीं.
IMA POP Awards: इन जांबाजों को मिले बड़े सम्मान
इस शानदार परेड के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को मेडल देकर सम्मानित भी किया गया.
- विशाल कुमार: इन्हें सबसे बड़ा सम्मान ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ और गोल्ड मेडल मिला.
- संजय सिंह: इन्हें चीफ आर्मी स्टाफ बैनर दिया गया.
- प्रिंस राज: इन्हें सिल्वर मेडल से नवाजा गया.
- तेजस भट्ट: इन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला.
- ऋषभ मिश्रा: टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स में पहला स्थान पाने के लिए इन्हें सिल्वर मेडल मिला.
- बोधराज थापा: स्पेशल कमिश्नर कोर्स में इन्हें गोल्ड मेडल मिला.
- जैफ सदी अल्वी: बांग्लादेश के इस कैडेट को मित्र देशों में बेस्ट ऑफिसर कैडेट का अवॉर्ड मिला.
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By स्मिता दे
स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग इनकी रुचि है. ये लाइफस्टाइल, फूड, हेल्थ और ट्रेंडिंग टॉपिक्स कवर करती है. रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी उपयोगी और रोचक जानकारी रीडर्स तक पहुंचाना इन्हें पसंद है.
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