Harvard University Ban: विदेशी छात्रों के लिए बंद हुए हार्वर्ड के दरवाजे, ट्रंप सरकार का बड़ा फैसला!

Harvard University Ban
Harvard University: अमेरिकी सरकार ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की विदेशी छात्रों को एडमिशन देने की अनुमति रद्द कर दी है. अब यूनिवर्सिटी को 72 घंटे के अंदर सभी विदेशी छात्रों की जानकारी सरकार को देनी होगी, वरना छात्रों को अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है.
Harvard University: विदेशी छात्रों को बड़ा झटका, अमेरिका की ट्रंप सरकार ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों के एडमिशन पर रोक लगाने का फैसला किया है. यह फैसला उन हजारों छात्रों के लिए बुरी खबर है, जो अमेरिका जाकर पढ़ाई करने का सपना देख रहे थे. यह निर्णय अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) ने गुरुवार को लिया. इसका सीधा असर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे करीब 6,800 विदेशी छात्रों पर पड़ेगा. इनमें से 788 छात्र भारत के हैं, जो अब चिंता में हैं कि आगे उनका क्या होगा.
2024-2025 के शैक्षणिक साल में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में 6,793 विदेशी छात्र पढ़ रहे थे, जो कुल छात्रों का लगभग 27% हिस्सा हैं. यह फैसला सिर्फ नए एडमिशन को ही नहीं, बल्कि वहां पहले से पढ़ रहे छात्रों की पढ़ाई और वीजा पर भी असर डाल सकता है.
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को 72 घंटे में देनी होगी विदेशी छात्रों की जानकारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को विदेशी छात्रों की एडमिशन की योग्यता बनाए रखने के लिए अमेरिकी सरकार को 72 घंटे के भीतर सभी मौजूदा विदेशी छात्रों की जानकारी देनी होगी. अगर यूनिवर्सिटी यह जानकारी तय समय में नहीं देती है, तो विदेशी छात्रों को दूसरी यूनिवर्सिटीज या कॉलेजों में ट्रांसफर करना होगा. ऐसा नहीं करने पर उन्हें अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है.
क्यों रद्द हुई एडमिशन की पात्रता?
पिछले कुछ समय से अमेरिकी सरकार और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के बीच विदेशी छात्रों के रिकॉर्ड को लेकर विवाद चल रहा था. होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) ने हार्वर्ड को 30 अप्रैल तक विदेशी छात्रों के अवैध और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड देने का निर्देश दिया था. यूनिवर्सिटी ने रिकॉर्ड तो सौंपा, लेकिन ट्रंप प्रशासन उसे पूरा और संतोषजनक नहीं मान रहा. इसी कारण अब यूनिवर्सिटी की SEVP (Student and Exchange Visitor Program) सर्टिफिकेशन रद्द करने का निर्णय लिया गया.
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की भूमिका क्यों अहम है?
अमेरिका का होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) SEVP प्रोग्राम को संचालित करता है, जो यूनिवर्सिटीज को विदेशी छात्रों को वीजा देने के लिए अधिकृत करता है. यदि यह सर्टिफिकेशन रद्द हो जाता है, तो हार्वर्ड यूनिवर्सिटी विदेशी छात्रों को न तो दाखिला दे सकती है और न ही उनके लिए वीजा जारी कर सकती है. इससे हार्वर्ड की अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पढ़ाई का अवसर देने की क्षमता पर सीधा असर पड़ेगा.
छात्रों और शिक्षा जगत में चिंता
इस पूरे मामले के कारण न केवल वर्तमान विदेशी छात्र परेशान हैं, बल्कि जो छात्र हार्वर्ड में भविष्य की पढ़ाई की योजना बना रहे थे, वे भी असमंजस में हैं. शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अमेरिका की उच्च शिक्षा प्रणाली की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है और विदेशी छात्र अन्य देशों की ओर रुख कर सकते हैं.
फैसले के खिलाफ हो सकता है कानूनी कदम
अब उम्मीद की जा रही है कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी इस फैसले के खिलाफ अमेरिकी अदालत में अपील कर सकती है. साथ ही अन्य प्रमुख विश्वविद्यालय भी इस मुद्दे पर सरकार से बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि विदेशी छात्रों की शिक्षा पर असर न पड़े.
Also Read: Canada Work Permit: कनाडा में वर्क परमिट के लिए आवेदन कैसे करें, कौन कर सकता है अप्लाई?
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pushpanjali
मेरा नाम पुष्पांजलि है और मैं पिछले दो साल से प्रभात खबर डिजिटल के साथ जुड़ी हूं. इस दौरान मैं फिल्म, टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री से जुड़ी खबरों और ट्रेंड्स को कवर कर रही हूं. मेरा मुख्य फोकस ट्रेंडिंग अपडेट्स, फिल्म रिव्यू, और बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स पर रहता है. मैं हमेशा कोशिश करती हूं कि जटिल और तकनीकी खबरों को भी पाठकों के लिए सरल, रोचक और पठनीय अंदाज में प्रस्तुत किया जाए, ताकि वे न सिर्फ खबर को समझ सकें बल्कि उससे जुड़े भी महसूस करें.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




