Bihar STET Certificate Benefits: बिहार में स्कूल एग्जाम बोर्ड (BSEB) की तरफ से हर साल एसटीईटी की परीक्षा आयोजित की जा रही है. हाल ही में BSEB STET 2025 का रिजल्ट जारी हुआ है. ऐसे में यह सवाल अक्सर सामने आता है कि बिहार एसटीईटी परीक्षा के क्या फायदे हैं और इस परीक्षा के बाद किन नौकरियों के लिए आवेदन किया जा सकता है. तो आइए समझते हैं कि BSEB STET Certificate के 5 फायदे क्या-क्या हैं.
Bihar STET Certificate से बन सकते है टीचर
बिहार में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के शिक्षक पद पर भर्ती के लिए STET सर्टिफिकेट (Bihar STET Certificate) जरूरी माना जाता है. बिना STET पास किए आप इन कक्षाओं में सरकारी टीचर नहीं बन सकते. ऐसे में यह सर्टिफिकेट आपकी पहली और सबसे अहम योग्यता बन जाता है.
लंबे समय तक मान्य
बिहार STET सर्टिफिकेट की वैधता लंबे समय तक रहती है. एक बार पास करने के बाद आपको बार-बार परीक्षा देने की जरूरत नहीं पड़ती. जब भी शिक्षक भर्ती निकलती है, आप सीधे आवेदन कर सकते हैं. एक बार सर्टिफिकेट (Bihar STET Certificate) मिल गया तो सालों तक वही आपके काम आता है.
प्राइवेट स्कूलों में बढ़ती मांग
STET पास उम्मीदवारों को प्राइवेट और मिशनरी स्कूलों में भी प्राथमिकता मिलती है. स्कूल प्रबंधन ऐसे शिक्षकों को ज्यादा भरोसेमंद मानता है जो सरकारी पात्रता परीक्षा पास कर चुके हों. इससे जॉब मिलने के चांस बढ़ जाते हैं.
प्रोफेशनल पहचान
बिहार STET सर्टिफिकेट (Bihar STET Certificate) एक मजबूत प्रोफेशनल आधार प्रदान करता है. STET सर्टिफिकेट शिक्षक की योग्यता को आधिकारिक मान्यता देता है. इससे न सिर्फ नौकरी की सुरक्षा मिलती है, बल्कि समाज और शिक्षा व्यवस्था में एक जिम्मेदार और प्रशिक्षित शिक्षक के रूप में पहचान भी बनती है.
सैलरी पैकेज अच्छी
बिहार STET सर्टिफिकेट के साथ शिक्षक भर्ती में अच्छी सैलरी मिलती है. समय के साथ प्रमोशन, ग्रेड पे और अन्य सरकारी सुविधाएं भी जुड़ती जाती हैं. यह सर्टिफिकेट आपके करियर को मजबूत और सुरक्षित बनाता है.
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बिहार STET की योग्यता क्या होनी चाहिए?
बिहार STET के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में UG या PG डिग्री होना जरूरी है. कक्षा 9वीं–10वीं के लिए ग्रेजुएशन और 11वीं–12वीं के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन मांगी जाती है. इसके साथ ही BEd या समकक्ष शिक्षक प्रशिक्षण योग्यता होना अनिवार्य है.
STET में पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए?
बिहार STET परीक्षा में पास होने के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को कम से कम 50 प्रतिशत अंक लाने होते हैं. वहीं आरक्षित वर्ग जैसे SC, ST, OBC और दिव्यांग उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट दी जाती है. इनके लिए पासिंग मार्क्स आमतौर पर 45 प्रतिशत के आसपास होते हैं. पासिंग अंक से ज्यादा स्कोर करने पर मेरिट और चयन की संभावना बढ़ जाती है.
बिहार STET प्रमाणपत्र 2025 की वैधता कितनी है?
बिहार STET प्रमाणपत्र 2025 (Bihar STET Certificate) की वैधता वर्तमान नियमों के अनुसार आजीवन (Lifetime) मानी जाती है. यानी एक बार STET परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवार को दोबारा यह परीक्षा देने की जरूरत नहीं होती. यह सर्टिफिकेट भविष्य में निकलने वाली बिहार माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्तियों में लगातार मान्य रहता है.

