स्कूल में खुलेगा इमरजेंसी का चैप्टर, NCERT 9वीं की किताब में पूरी कहानी

Edited by Ravi Mallick
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सांकेतिक फोटो (Canva)

Emergency in NCERT Class 9 Textbook: करीब 50 साल पहले देश में लागू हुई इमरजेंसी अब स्कूल के छात्रों को भी पढ़ाई जाएगी. नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) की तरफ से कक्षा 9 की सोशल साइंस की नई किताब में इमरजेंसी पर एक विशेष हिस्सा शामिल किया गया है.

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Emergency in NCERT Class 9 Textbook: इमरजेंसी विषय “चैलेंज टू डेमोक्रेसी” यानी लोकतंत्र के सामने चुनौतियां नामक अध्याय के तहत जोड़ा गया है. NCERT के अनुसार, पहली बार कक्षा 9 के स्तर पर छात्रों को इमरजेंसी के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी. इसका मकसद छात्रों को भारतीय लोकतंत्र की चुनौतियों, उसकी ताकत और उसके विकास के बारे में समझाना है.

Emergency in NCERT Class 9 Textbook: किस किताब में होगी इमरजेंसी?

यह विषय “अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड” नाम की नई किताब में शामिल किया गया है. इस किताब में भारतीय लोकतंत्र के कामकाज, उसकी विशेषताओं और सामने आने वाली समस्याओं को समझाया गया है.

किताब में बताया गया है कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिक अधिकारों, स्वतंत्रता और संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती भी इसकी अहम पहचान है. इसी संदर्भ में इमरजेंसी को भारतीय लोकतंत्र की एक बड़ी परीक्षा के रूप में प्रस्तुत किया गया है.

इमरजेंसी के दौरान क्या हुआ था?

पुस्तक में बताया गया है कि 1970 के दशक की शुरुआत में देश में बेरोजगारी, महंगाई और सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष के कारण कई जगह विरोध प्रदर्शन होने लगे थे. इसी दौरान जून 1975 में तत्कालीन सरकार ने आंतरिक अशांति का हवाला देते हुए राष्ट्रीय इमरजेंसी लागू की थी.

किताब के अनुसार, इमरजेंसी के दौरान कई मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया था. प्रेस पर सेंसरशिप लागू की गई थी और कई राजनीतिक नेताओं तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था. इस अवधि में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ा और नागरिक स्वतंत्रताओं पर भी असर पड़ा.

जयप्रकाश नारायण की भूमिका की पढ़ाई

नई किताब में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के योगदान का भी उल्लेख किया गया है. इसमें बताया गया है कि उन्होंने छात्रों और आम नागरिकों को संगठित कर बड़े जन आंदोलनों का नेतृत्व किया था. खासतौर पर बिहार और गुजरात में उनके नेतृत्व में कई आंदोलन हुए, जिन्होंने इमरजेंसी के विरोध को मजबूत किया.

NCERT की इस नई किताब में सिर्फ इमरजेंसी ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र के सामने मौजूद अन्य चुनौतियों पर भी चर्चा की गई है. इसमें फेक न्यूज, गलत जानकारी का प्रसार, गरीबी, क्षेत्रवाद, सामाजिक भेदभाव, लैंगिक असमानता, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और नागरिक जिम्मेदारियों की अनदेखी जैसी समस्याओं का जिक्र किया गया है.

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रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से एजुकेशन जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं. एजुकेशन, करियर, जॉब, NEET, JEE, बैंकिंग, SSC, UPSC, UPPSC, BPSC और ICAI CA जैसी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है. फिलहाल वो प्रभात खबर डिजिटल की एजुकेशन टीम को लीड कर रहे हैं. इससे पहले उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल, Times Network और अमर उजाला जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे यूजर के अनुसार तराशना भी जानते हैं. यही वजह है कि उनकी रिपोर्ट को IGNOU, JNU, IIT गुवाहाटी और NIT जालंधर जैसे संस्थानों ने भी शेयर किया है. रवि की पढ़ाई वाराणसी से हुई है. यहीं के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय (MGKVP) से उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए वो लखनऊ आ गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकल वेबसाइट के साथ काम किया. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के साथ रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. साल 2019 में ही अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. इसके बाद साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और यहां Career कैटेगरी की शुरुआत की. एजुकेशन की खबरों को कवर करते हुए JNU, DU, जामिया और IIT दिल्ली के कई इवेंट का हिस्सा रहे. रवि के करियर की गाड़ी आगे बढ़ी और साल 2024 में उन्हें Times Now Hindi में एजुकेशन टीम में सीनियर कंटेंट एडिटर का पोस्ट मिला. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं.

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