बिहार के हर प्रमंडल में खुलेंगे गुरुकुल विद्यापीठ, बक्सर से होगी शुरुआत, जानें क्या होगा खास

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गुरूकुल का सांकेतिक फोटो

Bihar Gurukulam Vidyapeeth: बिहार सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था को एक नया स्वरूप देने जा रही है. अब प्रदेश के हर प्रमंडल में आधुनिक सुविधाओं से लैस इंटीग्रेटेड स्कूल, समेकित विद्यालय और गुरुकुल विद्यापीठ खोले जाएंगे, जिसकी शुरुआत बक्सर से होगी. इन गुरुकुलों में कक्षा 1 से लेकर रिसर्च स्तर तक की पढ़ाई होगी. जानिए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के बड़े ऐलान.

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Bihar Gurukulam Vidyapeeth: बिहार की शिक्षा व्यवस्था को पारंपरिक और आधुनिक ज्ञान से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक जरूरी कदम उठाया है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने घोषणा की है कि बिहार के हर प्रमंडल में इंटीग्रेटेड स्कूल, समेकित विद्यालय और गुरुकुल विद्यापीठ शुरू किए जाएंगे.

पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला के समापन समारोह के दौरान उन्होंने बताया कि इस योजना की शुरुआत सबसे पहले बक्सर जिले से की जाएगी. बक्सर को चुनने के पीछे की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि बक्सर भगवान श्रीराम की पावन ज्ञान भूमि रही है, इसीलिए इस नई शुरुआत के लिए बक्सर का चयन किया गया है.

बिहार के शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी

तीन अलग-अलग मॉडल्स पर काम करेगी सरकार-

  1. गुरुकुल विद्यापीठ (संस्कृति व मॉडर्न पढ़ाई): इसमें बच्चों को हमारे पारंपरिक ज्ञान, वेद और संस्कृति के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान (Science) और हुनर (Skill Development) की शिक्षा दी जाएगी.
  2. इंटीग्रेटेड स्कूल (1st से रिसर्च तक एक ही कैंपस): इन विद्यालयों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें बच्चों को कक्षा 1 से लेकर रिसर्च स्तर तक की पढ़ाई एक ही कैंपस में मिलेगी, जिससे उन्हें बार-बार स्कूल बदलने की जरूरत नहीं होगी.
  3. समेकित विद्यालय (बिना भेदभाव एक साथ पढ़ाई): इसके जरिए सामान्य बच्चों के साथ-साथ दिव्यांग व हर वर्ग के बच्चों को एक ही क्लासरूम में बिना किसी भेदभाव के पढ़ाने की व्यवस्था की जाएगी.

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संस्कृत और मदरसा शिक्षा को भी मिलेगा नया आधार

  • 14 बंद पड़े संस्कृत स्कूलों को नया जीवन: राज्य में बंद पड़े 14 शासकीय संस्कृत विद्यालयों को अब नए सिरे से विकसित कर दोबारा चालू किया जाएगा, ताकि संस्कृत शिक्षा को नया आधार मिल सके.
  • कोई भेदभाव नहीं: सरकार संस्कृत शिक्षा के साथ-साथ मदरसा शिक्षा को भी आगे बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है. इसमें किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा.

बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए किया जाएगा तैयार

शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज के दौर में विद्यार्थियों के लिए सिर्फ डिग्री हासिल कर लेना ही काफी नहीं है. हमारा उद्देश्य छात्रों को उनकी संस्कृति और समृद्ध ज्ञान परंपरा से जोड़ना तो है ही, साथ ही उन्हें आधुनिक समय की चुनौतियों का सामना करने के योग्य बनाना भी है.

इन गुरुकुल विद्यापीठों के जरिए विद्यार्थियों में ऐसी क्षमता विकसित की जाएगी, जिससे वे आगे चलकर रोजगार पा सकें, अपना स्वरोजगार (Self-Employment) शुरू कर सकें और शोध के क्षेत्र में देश-दुनिया में अपना नाम रोशन कर सकें.

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ओम प्रकाश

लेखक के बारे में

By ओम प्रकाश

ओम प्रकाश (OP) पिछले 2 वर्षों से अधिक समय से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. इन्होंने जनसंचार एवं पत्रकारिता में मास्टर्स किया है. इनकी पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रभात खबर (प्रिंट) पटना से हुई. इसके बाद इन्होंने दूरदर्शन पटना और कशिश न्यूज के साथ जुड़ कर प्रैक्टिकल हैंड्स ऑन एक्सपीरियंस हासिल किया. ये आकाशवाणी पटना के युवाओं के लिए समर्पित कार्यक्रम 'युवा वाणी' में भी कार्य कर चुके हैं. वर्तमान में OP प्रभात खबर डिजिटल के एजुकेशन बीट में कंटेंट राइटिंग का काम कर रहे हैं. इन्हें एजुकेशन और करियर से संबंधित गाइडेंस और खबरें आसान भाषा में स्टूडेंट्स तक पहुंचाना पसंद है.

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