JEE Main में कम रैंक से हैं परेशान? इन NITs और IIITs में मिल सकता है मौका

स्टूडेंट्स की सांकेतिक फोटो (AI Generated)
Top Colleges for low rank in JEE Main: जेईई मेन में कम स्कोर होने के बाद भी कैसे पाएं देश के NITs या IITs में सीट. जानें सही चॉइस फिलिंग और उन कॉलेजों की लिस्ट, जहां कटऑफ कम जाता है.
Top Colleges for low rank in JEE Main: हर स्टूडेंट का सपना होता है कि उसे देश के टॉप कॉलेज में एडमिशन मिले. लेकिन सच ये है कि हर किसी की रैंक बहुत अच्छी नहीं आती है. इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि आपके पास अच्छे कॉलेज के ऑप्शन खत्म हो गया है. आइए इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम आपको ऐसे ही कुछ बेस्ट कॉलेज (Top Colleges for low rank in JEE Main) और ऑप्शन बताएंगे, जहां कम रैंक होने के बावजूद भी शानदार पढ़ाई और करियर के मौके मिल सकते हैं.
Top Colleges for low rank in JEE Main: NITs
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NITs) देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज माने जाते हैं. भले ही टॉप NITs में हाई रैंक की जरूरत होती है, लेकिन कई नए या लो-कटऑफ वाले NITs में कम रैंक पर भी एडमिशन मिल सकता है. जैसे:
- NIT मिजोरम
- NIT नागालैंड
- NIT सिक्किम
Top Colleges for low rank in JEE Main: एनआईटी कटऑफ
| कॉलेज का नाम | कंप्यूटर साइंस (CSE) | इलेक्ट्रॉनिक्स (ECE) | इलेक्ट्रिकल (EE/EEE) | मैकेनिकल (ME) | सिविल (CE) |
| NIT Mizoram | 31,000 – 35,000 | 38,000 – 43,000 | 42,000 – 47,000 | 46,000 – 53,000 | 52,000 – 58,000 |
| NIT Nagaland | 23,000 – 32,000 | 31,000 – 38,000 | 36,000 – 42,000 | 38,000 – 46,000 | 42,000 – 52,000 |
| NIT Sikkim | 21,000 – 27,000 | 30,000 – 36,000 | 32,000 – 40,000 | 37,000 – 45,000 | 45,000 – 54,000 |
IIITs: टेक्नोलॉजी में बेहतर ऑप्शन
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIITs) भी आजकल काफी पॉपुलर हो रहे हैं. यहां खासकर कंप्यूटर साइंस और IT ब्रांच पर फोकस होता है. कुछ IIITs जहां कम रैंक पर मौका मिल सकता है:
- IIIT कल्याणी
- IIIT भागलपुर
- IIIT धारवाड़
स्टेट गवर्नमेंट कॉलेज: कम फीस, अच्छा फायदा
अगर आपकी रैंक ज्यादा अच्छी नहीं है, तो स्टेट गवर्नमेंट कॉलेज भी एक बढ़िया ऑप्शन हो सकते हैं. इनकी फीस कम होती है और कई कॉलेज में पढ़ाई का स्तर भी अच्छा होता है. जैसे-
- बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सिंदरी
- हारकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी, कानपुर
प्राइवेट कॉलेज
अगर सरकारी कॉलेज में एडमिशन नहीं मिल पाता, तो प्राइवेट कॉलेज भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है. कई प्राइवेट कॉलेज अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर और प्लेसमेंट ऑफर करते हैं. जैसे वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और SRM इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी.
ब्रांच सिलेक्शन भी है जरूरी
कई बार स्टूडेंट्स सिर्फ कॉलेज के नाम के पीछे भागते हैं और ब्रांच को नजरअंदाज कर देते हैं. अगर आपकी रैंक कम है, तो आप कम पॉपुलर ब्रांच लेकर अच्छे कॉलेज में जा सकते हैं. जैसे सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और केमिकल इंजीनियरिंग.
सही चॉइस फिलिंग है सबसे इंपोर्टेंट
काउंसलिंग के समय सही तरीके से चॉइस भरना बहुत जरूरी होता है. कई स्टूडेंट्स यहां गलती कर देते हैं और अच्छा कॉलेज मिलने का मौका खो देते हैं. इसलिए चॉइस फिलिंग के समय ज्यादा से ज्यादा ऑप्शन भरें और पिछले साल का कटऑफ जरूर देखें.
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लेखक के बारे में
By Smita Dey
स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.
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