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Teachers Day 2024 : टीचिंग में चुने करियर की बेहतरीन राह

Updated at : 05 Sep 2024 1:14 PM (IST)
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sarkari naukri

भारत में शिक्षक के तौर पर करियर सबसे उल्लेखनीय और सम्मानजनक विकल्पों में से एक है. आज शिक्षक दिवस के अवसर पर जानें इस क्षेत्र में मौजूद बेहतरीन संभावनाओं और इन संभावनाओं तक पहुंचने के लिए जरूरी योग्यता के बारे में...

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Teachers Day 2024 : शिक्षण एक बेहतरीन करियर विकल्प है, खासतौर पर भारत जैसे देश में जहां विकास और आधुनिकीकरण के लिए शिक्षा बुनियादी आवश्यकता है. आपकी रुचि शिक्षा के क्षेत्र में है, तो शिक्षण आपके लिए एक मुकम्मल करियर बन सकता है. यह करियर स्थिर वेतन के साथ समाज के विकास में योगदान देने में भी मदद करता है.

स्वयं को ऐसे बढ़ाएं आगे

प्री स्कूल हो या कॉलेज टीचिंग, शिक्षक बनने के लिए विषय के गहन ज्ञान के साथ मिलनसार व्यक्तित्व, धैर्य और असाधारण संचार कौशल की आवश्यकता होती है. आप जिस स्तर पर पढ़ाना चाहते हैं, उसके आधार पर आपको एक अलग दृष्टिकोण और कौशल की आवश्यकता होगी और साथ ही आवश्यक शैक्षणिक योग्यता व जरूरी परीक्षाएं पास करना होगा. इसलिए सबसे पहले तय करें कि किस स्तर पर शिक्षक बनना है. आपके सामने नर्सरी, प्राइमरी/ एलिमेंट्री स्कूल, स्पेशल स्कूल सेकेंडरी स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, एजुकेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट टीचिंग जैसे विकल्प हैं.

अपने लिए चुनें एक राह

नर्सरी व प्राइमरी टीचर : आप अगर नर्सरी या प्राइमरी टीचर बनना चाहते हैं, तो बारहवीं के बाद नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (एनटीटी) कर शुरुआत कर सकते हैं. एनटीटी एक/ दो साल का कोर्स है. कुछ संस्थान एंट्रेंस टेस्ट के माध्यम से प्रवेश देते हैं, तो कुछ बारहवीं के अंकों के आधार पर. जूनियर टीचर ट्रेनिंग एवं डिप्लोमा इन एजुकेशन (डीएड) जैसे कोर्स करके भी प्राइमरी टीचर बन सकते हैं.
मिडिल स्कूल टीचर : कक्षा छठी से आठवीं तक के छात्रों यानी मिडिल स्कूल की कक्षाओं को पढ़ाने के लिए न्यूनतम योग्यता बारहवीं और टीचर्स ट्रेनिंग सर्टिफिकेट (टीटीसी) एवं ग्रेजुएशन के साथ बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) है.
सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी टीचर : आमतौर पर सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूल (नौवीं से बारहवीं तक) में हर एक विषय के विशेष शिक्षक होते हैं. सेकेंडरी एवं सीनियर सेकेंडरी के छात्रों को पढ़ाने की न्यूनतम योग्यता ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के साथ बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) एवं मास्टर ऑफ एजुकेशन (एमएड) है.
असिस्टेंट प्रोफेसर : कॉलेज/ यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर जॉब की शुरुआत करने के लिए पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री के साथ पीएचडी एवं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) पास होना आवश्यक है. इस योग्यता के साथ आप कॉलेज एवं विश्वविद्यालय के विभागों में अपने विषय के अनुसार निकलने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर की रिक्तियों के लिए आवेदन कर सकते हैं.
फिजिकल एजुकेशन टीचर: फिजिकल एजुकेशन टीचर बनने के लिए किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से फिजिकल एजुकेशन में बीपीएड (बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन) होना चाहिए. इसके बाद चाहें, तो एमपीएड (मास्टर ऑफ फिजिकल एजुकेशन) भी कर सकते हैं. इन कोर्सेज में एंट्रेंस टेस्ट, फिजिकल फिटनेस टेस्ट और इंटरव्यू क्लीयर करके प्रवेश मिलता है.
स्पेशल स्कूल टीचर : इसमें शारीरिक और मानसिक तौर पर अक्षम बच्चों को पढ़ाना होता है. इस काम में भावनात्मक और शारीरिक रूप से धैर्य का होना जरूरी है. स्पेशल स्कूल शिक्षक बनने के लिए आपको बारहवीं पास करने के साथ डिप्लोमा इन स्पेशल एजुकेशन करना होगा.

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Preeti Singh Parihar

लेखक के बारे में

By Preeti Singh Parihar

Senior Copywriter, 15 years experience in journalism. Have a good experience in Hindi Literature, Education, Travel & Lifestyle...

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