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IAS Success Story: बिजनौर की बेटी ने रचा इतिहास! दूसरे प्रयास में बनीं अफसर

Updated at : 06 Jul 2025 5:54 PM (IST)
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IAS Success Story

IAS Success Story

IAS Success Story: IAS श्रुति ने वर्ष 2021 में AIR रैंक 1 हासिल किया था. वे यूपी के बिजनौर की रहने वाली हैं. श्रुति शर्मा ने अपने दूसरे प्रयास में सफलता पाई. वर्ष 2019 में अपने पहले प्रयास में वे बस एक नंबर से असफल हो गई थीं.

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IAS Success Story: आईएएस श्रुति शर्मा लोकप्रिय सरकारी अधिकारियों में से एक हैं. अगर आप भूल चुके हैं तो बता दें कि श्रुति शर्मा 2021 बैच की टॉप रैंक हासिल करने वाली आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने अंकिता अग्रवाल और गामिनी सिंगला के साथ यूपीएससी टॉपर (UPSC Topper) सूची में शीर्ष 5 में से शीर्ष 3 स्थान हासिल करके इतिहास रच दिया. संघर्ष से सफलता तक उनकी कहानी काफी दिलचस्प है. आइए, जानते हैं उनकी सक्सेस स्टोरी- 

संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर दे रही हैं सेवा 

आईएएस श्रुति (IAS Shruti Sharma) ने वर्ष 2021 में AIR रैंक 1 हासिल किया था. वर्तमान में वो देवरिया में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर अपनी सेवा दे रही हैं. उन्हें 8 अगस्त को IAS के रूप में नियुक्त किया गया था और 30 अगस्त को उनकी पोस्टिंग हुई थी. 

यूपी की बेटी, JNU से की है पढ़ाई 

श्रुति शर्मा उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली हैं. हालांकि, उनकी पढ़ाई-लिखाई दिल्ली से हुई है. वे दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) के सेंट स्टीफंस कॉलेज की पूर्व छात्रा हैं. उन्होंने यहां से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. इसके बाद JNU से पीजी की डिग्री हासिल की. 

प्रथम स्थान हासिल करने की नहीं थी उम्मीद 

श्रुति बचपन से ही मेहनती थीं. वहीं अपने गोल्स को लेकर शुरुआत से ही क्लियर थीं. उन्होंने ग्रेजुएशन में दाखिले के दौरान ही तय कर लिया था कि सिविल सेवा की ओर रुख करना है. ऐसे में ग्रेजुएशन के पूरा होने के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू कर दी. यूपीएससी में प्रथम स्थान हासिल करने के बाद उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि वे हमेशा से जानती थीं कि यूपीएससी क्रैक कर लेंगी पर कभी भी टॉप करने का नहीं सोचा था. 

प्रथम प्रयास में एक अंक से हुईं फेल

श्रुति के पिता आर्किटेक्चर हैं और उनकी मां शिक्षिका हैं. दिलचस्प बात ये है कि श्रुति शर्मा ने यूपीएससी की तैयारी के लिए किसी फैंसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया बल्कि जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) रेजिडेंशियल कोचिंग की मदद ली. वर्ष 2019 में वे एक मार्क्स से यूपीएससी की मुख्य परीक्षा से चूक गई थीं. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और 2021 में लगन और मेहनत से सफलता हासिल कर ली. 

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Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.

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