हेल्थकेयर सेक्टर में उड़ान, Biomedical Engineering कोर्स से बनाएं मजबूत करियर

Updated at : 29 Jan 2026 10:48 AM (IST)
विज्ञापन
Biomedical Engineering

Biomedical Engineering: स्टूडेंट की प्रतीकात्मक तस्वीर (PC- Freepik)

Biomedical Engineering: एक समय था जब Biology के स्टूडेंट्स को सिर्फ मेडिकल का ऑप्शन ही दिखता था. लेकिन अब कई सारे ऑप्शन हैं. इनमें से एक है Biomedical Engineering. इस कोर्स में इंजीनियरिंग और बायोलॉजी, दोनों की पढ़ाई करनी होती है.

विज्ञापन

Biomedical Engineering एक ऐसा कोर्स है, जिसमें इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और बायोलॉजी तीनों का कॉम्बिनेशन पढ़ाया जाता है. इस चार साल के BTech कोर्स में स्टूडेंट्स को ह्यूमन बॉडी सिस्टम, बायोमैटीरियल, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स और मेडिकल इमेजिंग जैसी चीजों की गहरी समझ दी जाती है. पढ़ाई के दौरान स्टूडेंट्स MRI, CT स्कैन, पेसमेकर, वेंटिलेटर और प्रोस्थेटिक डिवाइस जैसी टेक्नोलॉजी को डिजाइन करना और उन्हें बेहतर बनाना सीखते हैं.

कहां से करें ये कोर्स?

आईआईटी हैदराबाद (IIT Hyderabad)
आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay)
आईआईटी मद्रास (IIT Madras)
आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur)
IIT (BHU) वाराणसी
NIT राउरकेला
NIT रायपुर
SRMIST
BIT मेसरा
मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT)

इन संस्थानों में एडमिशन आमतौर पर JEE Main / JEE Advanced और JoSAA या संस्थान-स्तरीय काउंसलिंग के जरिए होता है.

Biomedical Engineering Career Options: क्या है करियर ऑप्शन?

  • मेडिकल डिवाइस इंजीनियर
  • Clinical Engineer / Hospital Engineer
  • Research Scientist / R&D Engineer
  • Medical Device Product Manager
  • Bioinformatics / Health Data Analyst

NIT Rourkela Placement: एनआईटी राउरकेला

एनआईटी राउरकेला में बायोमेडकिल इंजीनियरिंग का BTech, MTech और पीएचडी कोर्स ऑफर किया जाता है. 2024-25 के प्लेसमेंट डाटा के अनुसार, यहां का मैक्सिमम प्लेसमेंट 50-60 प्रतिशत के करीब रहा.

NIT राउरकेला में Biomedical Engineering

NIT राउरकेला देश के उन चुनिंदा NITs में शामिल है, जहां Biomedical Engineering में BTech, MTech और PhD तीनों लेवल पर कोर्स ऑफर किए जाते हैं. यहां स्टूडेंट्स को रिसर्च, इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स और मेडिकल टेक्नोलॉजी पर काम करने का भरपूर मौका मिलता है.

2024- 25 के प्लेसमेंट डेटा के अनुसार, NIT राउरकेला में Biomedical Engineering ब्रांच का प्लेसमेंट प्रतिशत करीब 50- 60% के आसपास रहा. कई स्टूडेंट्स को मेडिकल डिवाइस कंपनियों, हेल्थटेक स्टार्टअप्स और रिसर्च ऑर्गनाइजेशन्स में जॉब ऑफर मिले हैं. इसके अलावा, बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ने हायर स्टडीज और रिसर्च का रास्ता भी चुना है.

यह भी पढ़ें-

विज्ञापन
Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola