Budget 2026: सरकार चाहे तो भारत का AI रिसर्च हब बन सकता है IIT-IIM, खुद एक्सपर्ट ने बताया
Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 01 Feb 2026 8:57 AM
Budget 2026 Education: प्रतीकात्मक तस्वीर (PC-Freepik)
Budget 2026: एआई एजुकेशन को स्कूल से लेकर उच्च शिक्षण संस्थान तक के लेवल पर विस्तार देने के लिए बजट में बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं. इससे IIT ISM लेवल पर रिसर्च और नौकरी को लेकर किस तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे आइए जानते हैं.
Budget 2026: आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अपना 9वां बजट पेश करने वाली हैं. पिछले साल भी शिक्षा और स्टार्टअप सेक्टर में बहुत से चीजें दी गई थी. वहीं इस बार भी उम्मीद की जा रही है शिक्षा और युवाओं के लिए ये बजट काफी अच्छा होने वाला है. जानकारों का ऐसा कहना है कि एआई एजुकेशन को स्कूल से लेकर उच्च शिक्षण संस्थान तक के लेवल पर विस्तार देने के लिए बजट में बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं. इसका क्या लाभ होगा आइए समझते हैं.
रिसर्च का काम बढ़ेगा
IIT ISM Dhanbad के मैनेजमेंट स्टडीज विभाग के पूर्व प्रध्यापक एवं विभाध्यक्ष प्रोफेसर प्रमोद पाठक ने हमसे बातचीत की. उन्होंने कहा ये एक स्वागत योग्य कदम है. बताया कि अगर एआई के लिए बजट पास किया जाता है तो इससे रिसर्च की फैसिलिटी बढ़ेगी. वहीं जॉब्स की संख्या बढ़ने पर उन्होंने कहा कि शुरुआती लेवल पर नौकरी की भरमार आएगी ये कहना मुश्किल है. लेकिन धीरे-धीरे मार्केट में न्यू जॉब्स जेनरेट होंगे.
आगे उन्होंने बताया कि नेशनल लेवल पर रिसर्च (Research in IIT IIM) कम है लेकिन 2026 के बजट में अगर एआई बेस्ड एजुकेशन के लिए कुछ रहता है तो इससे बेशक नेशनल लेवल पर IIT IIM जैसे संस्थान में रिसर्च में बढ़ोतरी होगी.
एआई से नौकरी बढ़ेगी या नहीं?
IIT ISM Dhanbad के पूर्व प्रोफेसर ने जॉब्स की संख्या बढ़ने पर कहा कि शुरुआती लेवल पर नौकरी की भरमार आएगी ये कहना मुश्किल है. लेकिन धीरे-धीरे मार्केट में न्यू जॉब्स जेनरेट होंगे.
वर्ष 2005 के एक आंकड़े के अनुसार, भारत का R&D खर्च (GERD) GDP का लगभग 0.6-0.7% है यानी देश कुल उत्पादन का लगभग इतना हिस्सा रिसर्च पर खर्च करता है. इसके मुकाबले चीन R&D पर GDP का करीब 2.4%- 2.7% खर्च करता है, जो भारत से बहुत अधिक है.
2024 के बजट में उच्च शिक्षण संस्थान के लिए क्या-क्या घोषणाएं की गई थीं?
- 2024 के बजट में IITs के लिए कुल आवंटन लगभग 10,200 करोड़ से ज्यादा रखा गया था.
- यह राशि पिछले साल के मुकाबले बढ़ाई गई, ताकि रिसर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर और पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर हो सके.
- बजट में टेक्निकल एजुकेशन और इनोवेशन को बढ़ावा देने पर खास जोर दिया गया.
- IIT के साथ-साथ NIT, IISER और IISc जैसे संस्थानों को भी सपोर्ट मिला.
- स्किल डेवलपमेंट, इंटर्नशिप और इंडस्ट्री से जुड़ी पढ़ाई को मजबूत करने पर फोकस किया गया.
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