No Dues का ऑप्शन नहीं, छात्र सीधे भर रहे फॉर्म

Ranchi University सांकेतिक फोटो (AI Generated)
Ranchi University: रांची विश्वविद्यालय ने पीजी विभाग और कॉलेजों में ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरने की सुविधा शुरू की है. इससे विद्यार्थियों को आसानी तो हुई है लेकिन कई समस्याएं भी बढ़ गई हैं. पहले नो ड्यूज कराना जरूरी था, पर अब यह प्रक्रिया खत्म हो गई है. इसी कारण छात्र बिना किताबें लौटाए, बिना शुल्क दिए और कम उपस्थिति के बावजूद भी सीधे परीक्षा फॉर्म भर पा रहे हैं.
Ranchi University: रांची विश्वविद्यालय ने पीजी विभाग और कॉलेजों में ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरने की व्यवस्था लागू की है. इस बदलाव से विद्यार्थियों के लिए सुविधा तो बढ़ी है लेकिन कई समस्याएं भी सामने आई हैं. पहले विद्यार्थियों को परीक्षा फॉर्म भरने से पहले नो ड्यूज (Ranchi University No Dues) कराना अनिवार्य था, परंतु अब यह प्रक्रिया लगभग समाप्त हो गई है. इसके कारण कई विद्यार्थी बिना किताबें लौटाए, बिना शुल्क जमा किए और उपस्थिति कम होने के बावजूद भी सीधे परीक्षा फॉर्म भर रहे हैं.
कई पीजी विभाग और कॉलेजों में विद्यार्थियों ने लाइब्रेरी से पुस्तकें लीं लेकिन उन्हें वापस नहीं किया. फिर भी ऐसे विद्यार्थी ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरकर एडमिट कार्ड हासिल कर रहे हैं और परीक्षा देने के बाद मार्कशीट भी प्राप्त कर ले रहे हैं. इस स्थिति से कॉलेज प्रशासन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि पुस्तकें लंबे समय तक लौटाई नहीं जाती हैं.
Ranchi University Attendance Rules: 75 फीसदी उपस्थिति
यूजीसी और राजभवन के निर्देश के अनुसार विद्यार्थियों के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है. लेकिन रांची विश्वविद्यालय की नई ऑनलाइन व्यवस्था में कई जगह उपस्थिति का चेक प्वाइंट ही नहीं है. नतीजतन जिनकी उपस्थिति कम है, वे भी फॉर्म भरकर परीक्षा दे रहे हैं. यह नियमों के विपरीत है और शैक्षणिक अनुशासन पर प्रश्न खड़ा करता है.
कॉलेज और पीजी विभाग प्रशासन ऐसे विद्यार्थियों का इंतजार करते हैं जो सीएलसी (कॉलेज लीविंग सर्टिफिकेट) लेने आते हैं. तभी उनसे नो ड्यूज कराया जा सकता है. कई विद्यार्थी पास होने पर आगे की पढ़ाई के लिए सीएलसी लेते समय यह प्रक्रिया पूरी करते हैं, लेकिन जो असफल हो जाते हैं या वर्षों बाद आते हैं, वे कॉलेज प्रशासन के लिए परेशानी का कारण बन जाते हैं.
प्राचार्यों और विभागाध्यक्षों ने माना है कि यह स्थिति वास्तव में बनी हुई है. हालांकि कुछ कॉलेजों में उपस्थिति और नो ड्यूज चेक प्वाइंट अनिवार्य किए गए हैं ताकि समस्या पर काबू पाया जा सके. इसकी डिटेल्स वेबसाइट पर उपलब्ध है.
रिपोर्ट: संजीव सिंह
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By Ravi Mallick
रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.
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