इस राज्य के छात्रों को MBBS की सीटें बढ़ने का इंतजार, हर साल अपना घर छोड़ते हैं युवा

Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 28 Sep 2025 8:15 AM

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झारखंड MBBS सीट्स (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

Jharkhand MBBS Seats: झारखंड के छात्रों को जो मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेना चाहते हैं, सीट्स बढ़ने का बेसब्री से इंतजार है. झारखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों (देवघर एम्स सहित) में कुल 1,055 एमबीबीएस सीटें हैं. इनमें से 563 सीटें स्टेट कोटा के तहत आती हैं. हालांकि, पड़ोसी राज्य बिहार में इसकी तुलना में सीटें ज्यादा हैं.

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Jharkhand MBBS Seats: झारखंड के छात्रों को जो मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेना चाहते हैं, सीट्स बढ़ने का बेसब्री से इंतजार है. पड़ोसी राज्य की तुलना में झारखंड में MBBS सीट्स काफी कम हैं जबकि बड़ी संख्या में यहां के छात्र हर साल NEET UG परीक्षा क्वालिफाई करते हैं. जहां झारखंड में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सीटें जस की तस बनी हुई हैं, वहीं पड़ोसी बिहार में 430 नई सीटें बढ़ा दी गई हैं. 

कुल 1055 सीटों पर संघर्ष कर रहे हैं छात्र 

झारखंड (Jharkhand Govt Medical Colleges) के सरकारी मेडिकल कॉलेजों (देवघर एम्स सहित) में कुल 1,055 एमबीबीएस सीटें हैं. इनमें से 563 सीटें स्टेट कोटा के तहत आती हैं. इस वर्ष भी इनमें कोई वृद्धि नहीं हुई है. इसके विपरीत, बिहार में 430 सीटें बढ़ने के बाद कुल सीटों की संख्या 3,170 हो गई है. यहां के सरकारी और निजी दोनों मेडिकल कॉलेजों में नए सत्र (2025-26) से इन सीटों पर नामांकन होगा.

झारखंड के छात्रों को बाहर जाना पड़ता है 

बिहार के पटना मेडिकल कॉलेज में सीटों का विस्तार हुआ है. पहले यहां 150 सीटें थीं, जो अब बढ़कर 250 हो गई हैं. वहीं, झारखंड में हर साल करीब 3,000 छात्र मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा क्वालिफाई करते हैं, लेकिन सीटों की कमी के कारण बड़ी संख्या में छात्रों को बाहर जाना पड़ता है.

रिम्स में सीट्स बढ़ने की संभावना 

मिली जानकारी के अनुसार, राज्य के सबसे बड़े मेडिकल संस्थान रिम्स (रांची) में फिलहाल 180 एमबीबीएस सीटें ही उपलब्ध हैं. इन्हें 250 तक बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन फिलहाल इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है. रिम्स प्रशासन ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) को पत्र भेजने की तैयारी की है, जिसे राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा.

प्रभात खबर अखबार के रांची एडशिन में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, रिम्स के निदेशक डॉ. राजकुमार ने बताया कि रिम्स की एमबीबीएस सीटों को बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है. उम्मीद है कि इस वर्ष 250 सीटों पर नामांकन हो. मुख्यमंत्री के के माध्यम से एनएमसी से सीटे बढ़ाने का आग्रह किया जायेगा, एनएमसी द्वारा जो सीटों को बढ़ाने का आदेश जारी हुआ है, उसमें रिम्स का नाम शामिल नहीं है.

प्राइवेट मेडिकल कॉलेज को राहत 

झारखंड के निजी मेडिकल कॉलेजों से छात्रों को थोड़ी राहत जरूर मिली है. मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने इस साल नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, जमशेदपुर को पहली बार 100 सीटों पर नामांकन की अनुमति दी है. वहीं, मणिपाल-टाटा मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में सीटें बढ़ाकर 150 कर दी गई हैं.

छात्र कड़ी प्रतिस्पर्धा झेलने को मजबूर 

इस तरह सरकारी और निजी कॉलेज मिलाकर झारखंड में अब कुल एमबीबीएस सीटों (MBBS Seats) की संख्या 1,205 हो गई है. लेकिन बिहार की तुलना में यह संख्या अब भी काफी कम है. यही वजह है कि राज्य के हजारों प्रतिभाशाली मेडिकल अभ्यर्थियों को या तो बाहर का रुख करना पड़ता है या फिर सीमित अवसरों में कड़ी प्रतिस्पर्धा झेलनी पड़ती है.

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By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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