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धनबाद के SNMMCH में लगेगा 20 हजार लीटर क्षमता का लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट, विभाग ने दी मंजूरी

Updated at : 30 Jan 2023 1:10 PM (IST)
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धनबाद के SNMMCH में लगेगा 20 हजार लीटर क्षमता का लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट, विभाग ने दी मंजूरी

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन 1.72 डिग्री सेंटीग्रेड पर स्टोर होगा. टैंक में ऑक्सीजन खत्म होने पर अस्पताल प्रबंधन इंडस्ट्रीज कंपनियों से टैंकर मंगवाकर टैंक में स्टोर करायेगा.

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धनबाद के SNMMCH में 60 लाख की लागत से 20 हजार लीटर क्षमता का लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाया जायेगा. स्वास्थ्य चिकित्सा, शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने एसएनएमएमसीएच में प्लांट स्थापित करने की योजना को मंजूरी दे दी है. स्वास्थ्य विभाग, रांची की दो सदस्यीय टीम स्थल चयन को लेकर सर्वे भी कर चुकी है. मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार प्लांट लगाने को लेकर अबतक स्थल चयन का कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है. बता दें कि कोरोना काल के दौरान ऑक्सीजन की कमी से कई लोगों ने अपनी जान गंवायी. अब ऐसा न हो, इसलिए सरकार ने जिले के मेडिकल कॉलेजों में लिक्विड आक्सीजन प्लांट लगाने का निर्णय लिया है.

सिलिंडर की होगी रिफलिंग, जिले भर में ऑक्सीजन की कमी होगी दूर

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन 1.72 डिग्री सेंटीग्रेड पर स्टोर होगा. टैंक में ऑक्सीजन खत्म होने पर अस्पताल प्रबंधन इंडस्ट्रीज कंपनियों से टैंकर मंगवाकर टैंक में स्टोर करायेगा. इस प्लांट से सिलिंडर भी रिफिल किये जा सकेंगे. इस प्लांट के शुरू होने के बाद जिले भर में ऑक्सीजन का संकट दूर हो जायेगा. जिला अस्पताल के साथ ही अन्य सीएचसी व पीएचसी को भी सिलिंडर रिफिल करवाने के लिए दूसरी कंपनी को पैसे भुगतान नहीं करना पड़ेगा.

सीएस ने लिया मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की तैयारी का जायजा

फाइलेरिया उन्मूलन के तहत 10 फरवरी से सर्वजन दवा सेवन (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) कार्यक्रम चलाया जाएगा. इस साल 25 लाख से अधिक लोगों को दवा का सेवन कराने का लक्ष्य है. अभियान को लेकर माइक्रो प्रोग्राम समेत अन्य तैयारियां की जा रही हैं. इसकी जांच के लिए सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा रविवार को निरसा गये थे. यहां माइक्रो प्रोग्राम बनाने की गति में तेजी लाने का निर्देश दिया.

10 से 25 फरवरी तक चलेगा अभियान

डॉ आलोक विश्वकर्मा ने बताया कि 10 से 25 फरवरी तक फाइलेरिया रोधी दवा की एकल खुराक जिले में लक्षित जन समुदाय को खिलायी जाएगी. इसे लेकर एक फरवरी को निरसा में बैठक होगी. स्कूलों में मध्याह्न भोजन के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्चों को दवा खिलायेगी.

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गर्भवती महिलाओं को नहीं दी जाएगी दवा

दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी को उम्र के अनुसार डीईसी तथा अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी. आंगनबाड़ी केंदों, वार्ड कार्यालय, स्वास्थ्य उपकेंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूल-काॅलेजों एवं तकनीकी संस्थानों में दवा मुफ्त खिलायी जायेगी. वहीं घर-घर जाकर भी दवा खिलायी जाएगी.

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