बालू की तस्करी से नदियों का अस्तित्व खतरे में, एनटीजी की रोक के बाद भी कार्रवाई का डर नहीं

Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 27 Aug 2021 1:48 PM

विज्ञापन

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की रोक के बाद भी बालू उत्खनन व भंडारण रुकने का नाम नहीं ले रहा है. बालू की तस्करी बड़े पैमाने पर की जा रही है.

विज्ञापन

जिले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की रोक के बाद भी बालू उत्खनन व भंडारण रुकने का नाम नहीं ले रहा है. बालू की तस्करी बड़े पैमाने पर की जा रही है. बालू तस्करी को लेकर माफिया सक्रिय हैं. एक ओर जहां बालू की तस्करी से हर माह सरकार को लाखों रुपये का राजस्व का नुकसान हो रहा है,

वहीं दूसरी ओर नदियों का अस्तित्व मिटता जा रहा है. जिले में सबसे अधिक हंटरगंज प्रखंड में बालू की तस्करी की जा रही है. हर रोज निरंजना नदी से 500 से अधिक ट्रैक्टर बालू का उठाव किया जा रहा है. दिन में बालू का भंडारण कर रात में बड़े वाहनों से दूसरे प्रदेश भेजा जाता है. शाम ढलते ही बालू तस्कर सक्रिय हो जाते हैं.

प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी बालू की तस्करी नहीं रोक पा रहे है. नदी का अस्तित्व मिटाने में तस्कर लगे हैं. प्रखंड स्तरीय टास्क फोर्स भी बालू की तस्करी को रोक पाने नाकाम साबित हो रहा है. एनजीटी के नियमों के मुताबिक 10 जून से 15 अक्तूबर तक नदी घाटों से बालू उठाव पर रोक है. इसके बाद भी दिनदहाड़े अवैध रूप से बालू का उठाव किया जा रहा है. प्रखंड क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक भंडारण स्थल है.

लोगों का कहना है कि जब एनजीटी ने बालू के उठाव पर रोक लगा रखी है, तो झारखंड की सीमा पर स्थित गोसाइडीह चेकपोस्ट से बालू लदे ट्रक हर रोज कैसे निकल रहे हैं. लोगो ने इस मामले की जांच करने की मांग उपायुक्त को आवेदन देकर किया है. हंटरगंज के अलावा इटखोरी, टंडवा, मयूरहंड, पत्थलगड्डा समेत अन्य प्रखंडों में हर रोज अवैध रूप से बड़े पैमाने पर बालू का उठाव किया जा रहा है.

इस संबंध में डीएमओ रवि कुमार ने कहा कि जिले में बालू के अवैध उठाव पर रोक लगाने के लिए लगातार छापामारी की जा रही है. हर प्रखंड के सीओ को बालू का उठाव करने वालों पर कड़ी नजर रखने की जिम्मेवारी है. तस्करी रोकने के लिए अबतक 79 केस कर चुके हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola