ग्लोबल टेंशन से शेयर बाजार में सुस्ती, पर SIP के दम पर संभला निफ्टी 

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Indian Stock Market 27 May 2026 (Photo: Canva)

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Indian Stock Market 27 May 2026: अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल के दबाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है. तेल कंपनियों के नुकसान से बढ़ सकता है राजकोषीय घाटा.

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Indian Stock Market 27 May 2026: बुधवार, 27 मई को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त रही.  ग्लोबल मार्केट से कमजोर संकेतों और अमेरिका-इरान के बीच चल रहे तनाव के कारण इन्वेस्टर्स ने सावधानी बरती. सुबह 9:15 बजे निफ्टी करीब 33 पॉइंट गिरकर 23,880.35 पर और सेंसेक्स 69 पॉइंट की गिरावट के साथ 75,939 पर खुला. हालांकि, शुरुआती सुस्ती के बाद घरेलू इन्वेस्टर्स के सपोर्ट से बाजार में थोड़ी रिकवरी देखी गई और यह फ्लैट ट्रेड करने लगा. 

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बाजार में आज गिरावट क्यों दिखी?

ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता का माहौल है. अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत और पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से कच्चा तेल 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है. इसके अलावा, विदेशी संस्थागत इन्वेस्टर्स (FPI/FII) ने मंगलवार को 2,407.87 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. इस चौतरफा दबाव के कारण ही बाजार की शुरुआत लाल निशान में हुई. 

बाजार को डूबने से किसने बचाया?

विदेशी इन्वेस्टर्स की भारी बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत इन्वेस्टर्स (DIIs) और आम लोगों की म्यूचुअल फंड SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के पैसों ने भारतीय बाजार को सहारा दिया. घरेलू खरीदारों ने मंगलवार को 1,361 करोड़ रुपये की खरीदारी की. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसी मजबूत घरेलू कैश फ्लो (Inflow) की वजह से निफ्टी 23,500 के स्तर से नीचे नहीं गिरा. 

सरकारी खजाने पर क्या असर पड़ रहा है?

मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा के अनुसार, पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती से सरकार को करीब 14,000 करोड़ रुपये के टैक्स का नुकसान हुआ है. मई में तेल की कीमतों में करीब 7.50 रुपये की बढ़ोतरी के बावजूद, सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) रोजाना लगभग 600 करोड़ रुपये का नुकसान झेल रही हैं. इससे देश का राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) बढ़कर जीडीपी का 4.6% से 4.7% हो सकता है. 

इन्वेस्टर्स के लिए आगे क्या हैं जरूरी लेवल्स?

आज के कारोबार में मेटल और मीडिया सेक्टर्स में बढ़त देखी गई, जबकि ऑयल एंड गैस सेक्टर सबसे ज्यादा टूटा. कोटक सिक्योरिटीज के मुताबिक, जब तक निफ्टी 23,850 से 23,875 के सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है, तब तक बाजार का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव रहेगा. अगर निफ्टी 23,850 के नीचे जाता है, तो यह 23,700 से 23,600 के स्तर तक गिर सकता है. ऊपर की तरफ बाजार के लिए 24,100 का स्तर एक बड़ी रुकावट (Resistance) बना हुआ है. 

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