लॉकडाउन में है नौकरी जाने का डर, पर आप सुधार सकते हैं अपनी आर्थिक हालत, आइए जाने कैसे
Author : Shaurya Punj Published by : Prabhat Khabar Updated At : 12 Jun 2020 8:42 PM
रांची और धनबाद में लगेगा रोजगार मेला
कोविड -19 के कारण देश भर में लॉकडाउन का पालन किया गया. अब सरकार ने करीब ढाई महिने के बाद लॉकडाउन में छूट देकर इसे अनलॉक-1 का नाम दिया है. लॉकडाउन के दौरान देश में वित्तीय संकट और नौकरी के नुकसान का अनुमान लगा लिया गया था. पिछले दो महीनों से, कई कंपनियों को वेतन में कटौती करते देखा गया है, समय के लिए अपने उत्पादन / कार्य को बंद कर दिया है. नौकरी जाने के बाद जिंदगी का गुजारा कैसे होगा इसके लिए कई लोग परेशान हैं. नौकरी जाने के खतरे को लेकर परेशान हैं, जो आइए आपकी परेशानी हम दूर करते हैं और बताते हैं कि आपको हम बताएं की आप अपनी आर्थिक हालत को कैसे सुधार सकते हैं.
कोविड -19 के कारण देश भर में लॉकडाउन का पालन किया गया. अब सरकार ने करीब ढाई महिने के बाद लॉकडाउन में छूट देकर इसे अनलॉक-1 का नाम दिया है. लॉकडाउन के दौरान देश में वित्तीय संकट और नौकरी के नुकसान का अनुमान लगा लिया गया था. पिछले दो महीनों से, कई कंपनियों को वेतन में कटौती करते देखा गया है, समय के लिए अपने उत्पादन / कार्य को बंद कर दिया है. नौकरी जाने के बाद जिंदगी का गुजारा कैसे होगा इसके लिए कई लोग परेशान हैं. नौकरी जाने के खतरे को लेकर परेशान हैं, जो आइए आपकी परेशानी हम दूर करते हैं और बताते हैं कि आपको हम बताएं की आप अपनी आर्थिक हालत को कैसे सुधार सकते हैं.
अपने रोजगार अनुबंध पढ़ें
नौकरी पर रखने से पहले कंपनी द्वारा आपको ज्वाइंनिग लेटर या कॉनट्रैक्ट लेटर दिया गया होगा, नौकरी जाने की स्थिति उत्पन्न होने पर उसे एक बार जरूर पढ़े. अनुबंध पत्र में यह बताया जाता है कि किसी व्यक्ति को नौकरी से किस परिस्थिति में निकाला जा सकता है।ॉ. कंपनी द्वारा शुरू की गई नौकरी में कटौती के मामले में दिए गए वित्तीय लाभों के विवरण को भी जरूर देखें.
जहां तक संभव हो, कंपनी से तत्काल अग्रिम पैकेज की तलाश करें ताकि ऋण किस्तों और क्रेडिट कार्ड बकाया के संदर्भ में किसी भी वित्तीय देनदारियों का भुगतान लगभग दो से तीन महीने तक किया जा सके। इसके अलावा, एक कर्मचारी को इस आशय के लिए संगठन से एक आधिकारिक पत्र या ईमेल प्राप्त करने पर जोर देना चाहिए।
फ्रीलांसर के रूप में कर सकते हैं काम
अगर नौकरी जाने का डर बन रहा है, तो आप एक फ्रीलांसर के रूप में भी काम कर सकते हैं. डिजिटल अकांउटिंग, डेटा प्रविष्टि, ग्राहक सेवाओं, ऑनलाइन बिक्री और सामग्री विकास के क्षेत्रों में आईटी, विज्ञापन, ई-कॉमर्स, वित्तीय सेवाओं और मीडिया / मनोरंजन जैसे क्षेत्रों में फ्रीलांसर की काफी मांग रहती है.
फ्रीलांसर के रूप में आप किसी भी कंपनी में काम कर सकते हैं, आपको आपके काम का मेहनताना जरूर मिलगा पर आप उस कंपनी के कर्मचारी नहीं माने जाएंगे. आप एक साथ कई संस्थाओं एंव कंपनियों के लिए फ्रीलांसिंग कर सकते हैं. आप जितने अधिक फ्रीलांस प्रोजेक्ट आप लेते हैं, उतना ही बेहतर भुगतान है.
विस्थापन सेवाओं की तलाश करें
कई मध्य-आकार और बड़े संगठनों के पास विस्थापन सेवाओं का प्रावधान है. इसका मतलब यह है कि यदि वे किसी कर्मचारी को जाने देते हैं, तो उसे नौकरी ढूंढने में हाथ बंटाने की पेशकश की जाएगी.
इस उद्देश्य के लिए, कंपनियां उन विस्थापन फर्मों की मदद लेती हैं जो चयनित कर्मचारियों को वैकल्पिक रोजगार खोजने में मदद करती हैं। इसलिए, जैसे ही कोई कंपनी नौकरी में कटौती के फैसले की सूचना देती है, कर्मचारियों को मानव संसाधन टीम को यह स्पष्ट करने के लिए लिखना होगा कि क्या विस्थापन सेवाओं का लाभ उठाया जा सकता है.
क्या है जॉब इंश्योरेंस (Job Insurance) ?
जॉब इंश्योरेंस पॉलिसी ग्राहक और उसके परिवार को कुछ समय के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करत है, वैसी स्थिति में जब आपने नौकरी खो दी है, तो आपको कुछ राशि मिलती है, अगर पॉलिसी में दिए गए कारणों की वजह से उसकी नौकरी चली जाती है. भारत में ये कारण कोई गंभीर बीमारी या दुर्घटना के कारण पूरी या स्थाई तौर पर दिव्यांग होना हो सकता है.
साथ ही भारत में जॉब इंश्योरेंस स्टैंडलोन पॉलिसी (Standalone policy) के तौर पर नहीं मिलती. यह मुख्य पॉलिसी के साथ राइडर या ऐड ऑन कवर (Rider or Add on Cover) की तरह उपलब्ध होती है. सामान्य तौर पर हेल्थ इंश्योरेंस या होम इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ आती है.
कंपनियां जो नौकरी के नुकसान की बीमा सुरक्षा दे रही हैं:
1. ICICI लोम्बार्ड का सुरक्षित दिमाग महत्वपूर्ण बीमारी योजना
2. एचडीएफसी एर्गो का होम सुरक्षा प्लस (गृह ऋण सुरक्षा योजना)
3. रॉयल सुंदरम सेफ लोन शील्ड (गंभीर बीमारी योजना)
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लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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