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Aloo Mistry Profile: कौन हैं आलू मिस्त्री, रतन टाटा के छोटे भाई से है गहरा संबंध

Updated at : 15 Oct 2024 3:19 PM (IST)
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TATA SON'S FAMILY

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Aloo Mistry Profile: 11 अक्टूबर 2024 को रतन टाटा के निधन के बाद टाटा ट्रस्ट के नए चेयरमैन का चुनाव किया गया. रतन टाटा के सौतेले भाई, नोएल टाटा को सर्वसम्मति से टाटा ट्रस्ट का नया चेयरमैन चुना गया. लेकिन एक नाम इंटरनेट पर काफी दिनों से वायरल हो रहा हैं तो आईए जानते है आखिर कौन है आलू मिस्त्री.

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Aloo Mistry Profile: 11 अक्टूबर 2024 को रतन टाटा के निधन के बाद टाटा ट्रस्ट के नए चेयरमैन का चुनाव किया गया. रतन टाटा के सौतेले भाई, नोएल टाटा को सर्वसम्मति से टाटा ट्रस्ट का नया चेयरमैन चुना गया. टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस की 66% से अधिक हिस्सेदारी है, जिससे यह टाटा ग्रुप की सभी कंपनियों पर प्रमुख नियंत्रण रखता है. इस फैसले के बाद से ही नोएल टाटा और उनके परिवार के बारे में लोगों की जिज्ञासा बढ़ी है, खासतौर पर उनकी पत्नी आलू मिस्त्री के बारे में, जो एक प्रतिष्ठित उद्योगपति परिवार से आती हैं. आइए जानते हैं आलू मिस्त्री की पृष्ठभूमि और उनके परिवार के बारे में विस्तार से.

कौन हैं आलू मिस्त्री

आलू मिस्त्री, जो नोएल टाटा की पत्नी हैं, एक समृद्ध पारसी परिवार से आती हैं. उनका संबंध भारत के प्रमुख बिजनेस हाउस, शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप से है. आलू मिस्त्री के पिता, पलोनजी मिस्त्री, शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप के अध्यक्ष थे और उन्हें “साइलेंट टायकून” के नाम से जाना जाता था. वे अपने व्यवसाय को मीडिया की सुर्खियों से दूर रखते हुए सफलतापूर्वक संचालित करते थे. शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप ने भारत में कई प्रतिष्ठित इमारतों का निर्माण किया है, जिनमें मुंबई के ताजमहल होटल भी शामिल हैं.

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पलोनजी मिस्त्री की संपत्ति का अनुमान 2022 में लगभग 29 बिलियन डॉलर (लगभग ₹2.3 लाख करोड़) था, जिससे वे भारत के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक माने जाते थे. इसके अलावा, वे टाटा सन्स में 18.4% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़े व्यक्तिगत शेयरधारक भी थे, जिससे टाटा समूह के साथ उनके परिवार के गहरे संबंधों का पता चलता है.

आलू मिस्त्री और नोएल टाटा का रिश्ता

आलू मिस्त्री और नोएल टाटा की शादी ने दो प्रतिष्ठित उद्योगपति परिवारों को एक साथ जोड़ा. नोएल टाटा, जो अब टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन बन चुके हैं, पहले से ही ट्रेंट, वोल्टास, और टाटा इंटरनेशनल जैसी कंपनियों में प्रमुख भूमिका निभाते रहे हैं. उनके नेतृत्व में टाटा ट्रस्ट, जो टाटा समूह की नींव के रूप में कार्य करता है, और भी महत्वपूर्ण बन गया है.

आलू मिस्त्री और नोएल टाटा के तीन बच्चे हैं – लीहा टाटा, माया टाटा, और नेविल टाटा. तीनों बच्चे धीरे-धीरे परिवार के व्यवसाय और परोपकारी कार्यों में शामिल हो रहे हैं. इन बच्चों को परिवार के व्यवसायिक गतिविधियों में शामिल करने का उद्देश्य अगली पीढ़ी को जिम्मेदारी देना और उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार करना है.

आलू मिस्त्री का पारिवारिक पृष्ठभूमि

आलू मिस्त्री का पारिवारिक इतिहास व्यापारिक दुनिया में बहुत महत्वपूर्ण है. उनके पिता, पलोनजी मिस्त्री, ने शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप को ऊंचाइयों पर पहुंचाया और भारत के प्रमुख उद्योगपतियों में से एक बने. आलू मिस्त्री के दो भाई और एक बहन भी हैं.

  • साइरस मिस्त्री: आलू मिस्त्री के छोटे भाई, साइरस मिस्त्री, टाटा सन्स के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं. 2012 में उन्हें टाटा सन्स का चेयरमैन नियुक्त किया गया था, लेकिन 2016 में उन्हें इस पद से हटा दिया गया. इसके बाद यह मामला काफी चर्चाओं में रहा. दुर्भाग्यवश, 2022 में एक कार दुर्घटना में साइरस मिस्त्री का निधन हो गया.
  • शपूर मिस्त्री: शपूर मिस्त्री, जो शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप के वर्तमान अध्यक्ष हैं, पारिवारिक व्यवसाय का नेतृत्व कर रहे हैं. वे अपने पिता की तरह ही व्यवसाय को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं और ग्रुप को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं.
  • लैला मिस्त्री: आलू मिस्त्री की बहन लैला मिस्त्री भी पारिवारिक व्यवसाय और परोपकारी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल हैं.

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आलू मिस्त्री और नोएल टाटा

आलू मिस्त्री और नोएल टाटा की शादी ने दो महत्वपूर्ण बिजनेस हाउस को और भी करीब ला दिया.आलू मिस्त्री के पिता, पलोनजी मिस्त्री, टाटा सन्स में सबसे बड़े व्यक्तिगत शेयरधारक थे, और अब नोएल टाटा का टाटा ट्रस्ट का चेयरमैन बनना इस संबंध को और भी मजबूत बनाता है.

नोएल टाटा का नेतृत्व टाटा ग्रुप के लिए एक नया अध्याय साबित हो सकता है, जबकि आलू मिस्त्री की पारिवारिक पृष्ठभूमि और व्यवसायिक समझ भी इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. दोनों परिवारों की यह संयुक्त यात्रा न केवल बिजनेस वर्ल्ड में बल्कि समाज में भी महत्वपूर्ण प्रभाव डालती रही है.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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