Success Story: न स्कूल गईं, न इंग्लिश आती, 70 की उम्र में दादी ने शुरू किया यूट्यूब, कमा रही हैं हर महीने लाखों
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Success Story: 74 वर्षीय सुमन धामने, जो कभी स्कूल नहीं गईं, अब यूट्यूब चैनल ‘आपली आजी’ से हर महीने 5-6 लाख रुपये कमा रही हैं. पारंपरिक महाराष्ट्रीयन रेसिपियों के ज़रिए उन्होंने साबित किया कि उम्र नहीं, जज़्बा मायने रखता है.
Success Story: महाराष्ट्र के अहमदनगर ज़िले के एक छोटे से गांव सरोला कसार की रहने वाली 74 साल की सुमन धामने अब इंटरनेट की दुनिया में किसी सेलेब्रिटी से कम नहीं हैं. कुछ महीने पहले तक जिनका नाम गांव से बाहर कोई नहीं जानता था, वो आज यूट्यूब पर ‘आपली आजी’ के नाम से लाखों दिलों पर राज कर रही हैं.
स्कूल कभी नहीं गईं, लेकिन किचन में मास्टरशेफ
सुमन धामने कभी स्कूल नहीं गईं, न पढ़ना-लिखना जानती थीं और न ही हिंदी बोलना. लेकिन, जो उन्हें सबसे अच्छे से आता है – वो है खाना बनाना. पारंपरिक महाराष्ट्रीयन रेसिपी, देसी मसाले और गांव का असली स्वाद – यही USP है ‘आपली आजी’ के यूट्यूब चैनल की. उन्होंने अब तक लगभग 150 रेसिपी वीडियो शेयर किए हैं.
यूट्यूब का रास्ता कैसे खुला?
सुमन आजी को यूट्यूब की दुनिया में लाने का काम किया उनके पोते यश पाठक ने. जब यश ने देखा कि दादी के हाथ में जादू है, तो उसने उन्हें कैमरे के सामने खड़ा किया. शुरुआती कुछ वीडियो में आजी को झिझक जरूर हुई, लेकिन जब प्यार और तारीफ मिलने लगी तो हिम्मत बढ़ी और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा.
आज की कमाई – 5 से 6 लाख प्रति माह
सुमन धामने अब हर महीने यूट्यूब से 5 से 6 लाख रुपये कमा रही हैं. उनके वीडियो में ना कोई हाईफाई सेटअप होता है, ना महंगे कैमरे – बस देसी रसोई, गांव की मिट्टी और दादी का अपनापन. लोग कहते हैं कि ‘आपली आजी’ की वीडियो देखकर उन्हें अपने घर की नानी-दादी की याद आ जाती है.
उम्र नहीं, हौसले मायने रखते हैं
सुमन की कहानी इस बात का सबूत है कि अगर जज़्बा हो तो उम्र सिर्फ एक नंबर है. उन्होंने दिखा दिया कि डिजिटल दुनिया में भी एक अनपढ़ ग्रामीण महिला अपनी मेहनत से पहचान बना सकती है – वो भी उस उम्र में जब लोग रिटायरमेंट की सोचते हैं.
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लेखक के बारे में
By अभिषेक पाण्डेय
अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।
पत्रकारिता अनुभव
अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।
करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।
शिक्षा
अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।
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