Share Market: मौद्रिक समीक्षा नीति की घोषणा से पहले शेयर बाजार की तेजी पर लगा ब्रेक, सेंसेक्स 132 अंक टूटा

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Share Market Closing Bell: बीएसई सेंसेक्स 132 अंक टूटकर बंद हुआ. एशिया के अन्य बाजारों में नकारात्मक रुख के बीच घरेलू शेयर बाजारों में हाल की तेजी के बाद यह गिरावट आयी है.

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Share Market Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार में पिछले सात कारोबारी सत्रों से जारी तेजी पर बृहस्पतिवार को विराम लगा और बीएसई सेंसेक्स 132 अंक टूटकर बंद हुआ. एशिया के अन्य बाजारों में नकारात्मक रुख के बीच घरेलू शेयर बाजारों में हाल की तेजी के बाद यह गिरावट आयी है. तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 132.04 अंक यानी 0.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ 69,521.69 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह 69,320.53 अंक के निचले स्तर तक आ गया था. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 36.55 अंक यानी 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 20,901.15 अंक पर बंद हुआ. विश्लेषकों ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली के दबाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार धारणा को गति देने में विफल रहे. कारोबारी भी भारतीय रिजर्व बैंक की कल यानी शुक्रवार को पेश होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले बाजार से दूर रहे. ऐसा माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर को यथावत रखेगा. सेंसेक्स की कंपनियों में भारती एयरटेल, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा स्टील और आईटीसी प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं. दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, एनटीपीसी और टाइटन शामिल हैं.

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मौद्रिक नीति की घोषणा से पहले सतर्क हुए निवेशक

सेंसेक्स के 30 शेयरों में 17 नुकसान में जबकि निफ्टी के 50 शेयरों में से 23 गिरावट के साथ बंद हुए. जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बाजार में कुछ दिन से लगातार तेजी के बाद थोड़ी नरमी रही. इसका कारण निवेशकों ने मौद्रिक नीति की घोषणा से पहले ‘देखो और इंतजार करो’ का रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का आंकड़ा बेहतर रहने, वैश्विक तेल कीमतों में नरमी तथा वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट एमपीसी (मौद्रिक नीति समिति) के लिए संतोषजनक है. हालांकि, नवंबर में घरेलू स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका तथा रबी फसलों की बुवाई कम होने तथा अनाज के दाम बढ़ने से आरबीआई अल्पकाल में सतर्क रुख अपना सकता है. इस बीच, एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की, हांगकांग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कम्पोजिट नुकसान में रहे.

यूरोप का बाजार में मिला-जुला

यूरोप के प्रमुख बाजारों में, फ्रांस के सीएसी में तेजी रही जबकि जर्मनी का डीएएक्स नुकसान में रहा. वहीं लंदन के एफटीएसई में गिरावट रही. अमेरिकी बाजारों में बुधवार को मिला-जुला रुख था. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75.05 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 79.88 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे.

रुपया चार पैसे की गिरावट के साथ 83.36 प्रति डॉलर पर

शेयर बाजारों में कमजोरी के रुख और विदेशी बाजारों में डॉलर के मजबूत रहने से बृहस्पतिवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया चार पैसे की गिरावट के साथ 83.36 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ. बाजार सूत्रों ने बताया कि कच्चे तेल कीमतों में नरमी के कारण रुपये को मिलने वाले समर्थन के असर को आयातकों की डॉलर मांग ने बेअसर कर दिया जिसकी वजह से स्थानीय मुद्रा में एक सीमित दायरे में कारोबार हुआ. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 83.36 पर खुला. कारोबार के अंत में रुपया अपने पिछले बंद भाव के मुकाबले चार पैसे की गिरावट दर्शाता 83.36 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. रुपया बुधवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले पांच पैसे की तेजी के साथ 83.32 पर बंद हुआ था. शेयरखान बाय बीएनपी पारिबा में शोध विश्लेषक, अनुज चौधरी ने कहा कि बृहस्पतिवार को भारतीय रुपये में सपाट कारोबार हुआ. डॉलर के मजबूत रहने और कमजोर घरेलू बाजारों ने रुपये पर दबाव डाला. हालांकि, कच्चे तेल की कमजोर कीमतों और एफआईआई निवेश प्रवाह ने रुपये को निचले स्तर पर समर्थन दिया.

रेपो रेट को स्थिर रख सकता है बैंक

माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर को यथावत रख सकता है. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक बुधवार से शुरू हुई है. बैठक के नतीजों की घोषणा शुक्रवार यानी आठ दिसंबर को की जाएगी. इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 103.86 पर रहा. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.02 प्रतिशत बढ़कर 75.08 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 132.04 अंक की गिरावट के साथ 69,521.69 अंक पर बंद हुआ. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे. उन्होंने बुधवार को 79.88 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.

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