व्हिस्की की चुस्की लेने वाले कृपया ध्यान दें! भारत में सस्ती होने वाली है ब्रिटेन की स्कॉच

Scotch Whisky Price
Scotch Whisky Price: भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से स्कॉच व्हिस्की की कीमतें कम होने की प्रबल संभावना है, जिससे यह भारत में व्हिस्की की चुस्की लेने वालों के लिए यह काफी सस्ती हो सकती है. हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि भारत में ब्रिटेन के स्कॉच की कीमतों में कितनी कमी आएगी, लेकिन संभावना यह है कि समझौता के नियमों के लागू होते ही यह 1500-2000 रुपये तक सस्ती हो सकती है.
Scotch Whisky Price: व्हिस्की की चुस्की लेने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है. वह यह है कि भारत में ब्रिटेन की स्कॉच व्हिस्की अब सस्ती होने वाली है. इसका कारण यह है कि भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) मंगलवार 6 मई 2025 को पूरा हो गया है. इसके तहत दोनों देश एक-दूसरे के उत्पादों पर आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) कम करेंगे. विशेष रूप से, यूके की स्कॉच व्हिस्की पर भारत में वर्तमान में लगने वाला 150% आयात शुल्क क्रमिक रूप से घटाया जाएगा. विभिन्न स्रोतों के अनुसार, यह शुल्क पहले 75% तक और अगले दस वर्षों में 40% तक कम हो सकता है. इससे स्कॉच व्हिस्की की कीमतों में उल्लेखनीय कमी की उम्मीद है, जिससे व्हिस्की के शौकीनों को फायदा होगा.
भारत में ब्रिटेन की स्कॉच की कीमतें
भारत में ब्रिटेन की प्रीमियम स्कॉच व्हिस्की (जैसे जॉनी वॉकर, ग्लेनफिडिच) की कीमतें उच्च आयात शुल्क के कारण काफी अधिक हैं. उदाहरण के लिए, दिल्ली में जॉनी वॉकर ब्लैक लेबल (750 मिली) की कीमत लगभग 4,500-5,500 रुपये है, जबकि 12 साल पुरानी ग्लेनफिडिच (700 मिली) 6,000-7,000 रुपये के बीच है. ये कीमतें शहर और टैक्स स्लैब के आधार पर भिन्न हो सकती हैं. ब्लैक डॉग 2,500-3,500 रुपये में उपलब्ध हैं.
भारत में कितनी सस्ती हो सकती है स्कॉच
FTA लागू होने पर आयात शुल्क में 50-60% की कमी से स्कॉच की कीमतें 20-40% तक कम हो सकती हैं. उदाहरण के लिए, 5,000 रुपये की बोतल की कीमत 3,000-3,500 रुपये तक आ सकती है. हालांकि, अंतिम कीमतें राज्य करों (एक्साइज ड्यूटी) और ब्रांड की मूल्य निर्धारण रणनीति पर भी निर्भर करेंगी.
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भारत में तेजी से बढ़ रहा है स्कॉच का बाजार
भारत में स्कॉच व्हिस्की का बाजार पहले ही तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें पिछले दशक में 200% की वृद्धि दर्ज की गई है. सस्ती कीमतों से आयात में और वृद्धि होगी, जिससे ब्रिटेन के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही, भारतीय निर्यात, जैसे गारमेंट और फुटवियर, को भी लाभ होगा.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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