घर किराए पर देने से पहले ये 3 काम हैं बेहद जरूरी, एक छोटी सी लापरवाही और शुरू हो जाएगी कानूनी परेशानी

Updated at : 18 Mar 2026 5:18 PM (IST)
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Rent Agreement Rules 

Rent Agreement Rules 

Rent Agreement Rules : आज के दौर में घर किराए पर देना मुनाफे का सौदा तो है, लेकिन बिना सावधानी के यह कानूनी मुसीबत बन सकता है. सुरक्षित कमाई के लिए सिर्फ भरोसे पर नहीं, बल्कि पुलिस वेरिफिकेशन, रेंट एग्रीमेंट और सिक्योरिटी डिपॉजिट जैसे कड़े नियमों के साथ ही चाबी सौंपें.

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Rent Agreement Rules : आज के दौर में अपना घर होना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन बढ़ती कीमतों के कारण लोग किराए के मकानों को ही प्राथमिकता दे रहे हैं. यही वजह है कि शहरों में किराएदार मिलना तो आसान है, पर मकान मालिक के लिए एक सुरक्षित रेंटल डील करना किसी चुनौती से कम नहीं. अगर आप भी अपना घर रेंट पर देने जा रहे हैं, तो इन तीन अनिवार्य नियमों का पालन जरूर करें ताकि भविष्य में किसी भी कानूनी परेशानी से बचा जा सके.

किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन है अनिवार्य

किसी को भी सिर्फ चेहरे या परिचय के आधार पर घर की चाबी सौंपना भारी पड़ सकता है. सुरक्षा के लिहाज से सबसे पहला और जरूरी कदम है पुलिस वेरिफिकेशन. किराएदार के आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों की कॉपी लेकर स्थानीय थाने में उनकी जानकारी देना मकान मालिक की कानूनी जिम्मेदारी भी है और सुरक्षा का आधार भी.

रेंट एग्रीमेंट होगा मान्य

किराया कितना होगा और शर्तें क्या होंगी, इसे केवल बातों में न रखें. हमेशा एक लिखित रेंट एग्रीमेंट बनवाएं. आमतौर पर यह दस्तावेज 11 महीने के लिए तैयार किया जाता है, जिसमें किराए की राशि, सालाना बढ़ोतरी, नोटिस पीरियड और बिजली-पानी के खर्चों का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए. लिखित दस्तावेज होने से कल को कोई भी पक्ष अपनी बात से पलट नहीं सकता.

सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में रखें सुरक्षा राशि

घर खाली करते समय या अचानक किराया न मिलने की स्थिति में मकान मालिक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. इससे बचने के लिए कम से कम 1 या 2 महीने का सिक्योरिटी अमाउंट एडवांस में जरूर लें. यह राशि किसी भी संभावित नुकसान या बकाया किराए की भरपाई करने में मददगार साबित होती है.

मकान किराए पर देना सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है. जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय अगर इन कानूनी प्रक्रियाओं को सही ढंग से पूरा किया जाए, तो मकान मालिक और किराएदार के बीच का रिश्ता पारदर्शी और विवाद मुक्त रहता है.

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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