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RBI ने शुरू किया घरेलू मुद्रास्फीति प्रत्याशा सर्वेक्षण, इन शहरों में लोगों की ली जायेगी राय

Updated at : 03 Mar 2022 6:43 PM (IST)
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RBI ने शुरू किया घरेलू मुद्रास्फीति प्रत्याशा सर्वेक्षण, इन शहरों में लोगों की ली जायेगी राय

RBI Monetary Policy Survey: केंद्रीय बैंक ने एक अन्य विज्ञप्ति में कहा कि उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण के मार्च 2022 दौर का उद्देश्य सामान्य आर्थिक स्थिति, रोजगार परिदृश्य, मूल्य स्तर, परिवारों की आय और खर्च पर प्रतिक्रिया हासिल करना है.

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मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने बृहस्पतिवार को मुद्रास्फीति (Inflation) के अनुमानों और उपभोक्ता विश्वास का आकलन करने के लिए घरेलू सर्वेक्षण के अगले दौर की शुरुआत की. आरबीआई (RBI) द्वारा नियमित रूप से किये गये सर्वेक्षणों से मिले आंकड़े, उसकी मौद्रिक नीति (Monetary Policy) के लिए उपयोगी जानकारी मुहैया कराते हैं.

घरेलू मुद्रास्फीति प्रत्याशा सर्वेक्षण का हुआ शुभारंभ

आरबीआई ने घरेलू मुद्रास्फीति प्रत्याशा सर्वेक्षण (Inflation Expectations Survey of Households – IESH) के मार्च 2022 के दौर के शुभारंभ की घोषणा करते हुए कहा कि सर्वेक्षण का उद्देश्य 18 शहरों के लगभग 6,000 घरों में व्यक्तिगत खपत के आधार पर कीमतों में उतार-चढ़ाव और महंगाई (Inflation) के व्यक्तिगत असर का आकलन करना है. इन शहरों में अहमदाबाद, बेंगलुरु, चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, पटना और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं.

कीमतों में बदलाव पर ली जायेगी परिवारों की प्रतिक्रिया

आरबीआई ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘सर्वेक्षण के तहत आने वाले तीन महीनों के साथ ही अगले वर्ष के दौरान कीमतों में बदलाव (सामान्य कीमतों के साथ ही विशिष्ट उत्पाद समूहों की कीमतों) पर परिवारों से गुणात्मक प्रतिक्रिया ली जाएगी.’ केंद्रीय बैंक ने एक अन्य विज्ञप्ति में कहा कि उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण (सीसीएस) के मार्च 2022 दौर का उद्देश्य सामान्य आर्थिक स्थिति, रोजगार परिदृश्य, मूल्य स्तर, परिवारों की आय और खर्च पर प्रतिक्रिया हासिल करना है.

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13 शहरों में नियमित रूप से होता है सर्वेक्षण

यह सर्वेक्षण भोपाल, चेन्नई, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, लखनऊ, मुंबई, पटना और तिरुवनंतपुरम सहित 13 शहरों में नियमित रूप से किया जाता है. बता दें कि तीन महीने में एक बार रिजर्व बैंक की और से मौद्रिक नीति की समीक्षा की जाती है. इस दौरान रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट को बढ़ाने या घटाने पर निर्णय लेती है. आरबीआई की नीतिगत दरों का सीधा असर लोन लेने वाले लोगों पर पड़ता है.

Posted By: Mithilesh Jha

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