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PPF अकाउंट में निवेश से होने वाली आय को डबल करने के लिए आपको रखना होगा इन बातों का ध्यान

Updated at : 10 Mar 2021 10:09 PM (IST)
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PPF अकाउंट में निवेश से होने वाली आय को डबल करने के लिए आपको रखना होगा इन बातों का ध्यान

PPF Income And Save Tax पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में पैसा लगाकर एक बेहतर रिर्टन हासिल किया जा सकता है. इसके साथ ही 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ भी हासिल किया जा सकता है. पीपीएफ की शुरुआत पांच सौ रुपये से की जा सकती है. वहीं, हर साल इसमें 1.5 लाख रुपये तक की राशि को जमा किया जा सकता है. पंद्रह साल तक की अवधि के लिए इस स्कीम को चलाया जा सकता है और आगे भी इसको बढ़ाया जा सकता है. फिलहाल इस खाते पर 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है.

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PPF Income And Save Tax पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में पैसा लगाकर एक बेहतर रिर्टन हासिल किया जा सकता है. इसके साथ ही 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ भी हासिल किया जा सकता है. पीपीएफ की शुरुआत पांच सौ रुपये से की जा सकती है. वहीं, हर साल इसमें 1.5 लाख रुपये तक की राशि को जमा किया जा सकता है. पंद्रह साल तक की अवधि के लिए इस स्कीम को चलाया जा सकता है और आगे भी इसको बढ़ाया जा सकता है. फिलहाल इस खाते पर 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है.

पीपीएफ आय में अपना योगदान बढ़ाने के साथ ही अगर आप टैक्स लाभ भी प्राप्त करना चाहते है तो आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना रखना होगा. अगर निवेशक शादीशुदा है तो उसके लिए एक फायदा यह है कि वह अपनी पत्नी के पीपीएफ खाते में 1.5 लाख रुपये का निवेश कर सकता है. गौर हो कि अपने पीपीएफ खाते में एक व्यक्ति प्रति वर्ष में 1.5 लाख रुपये से अधिक का निवेश नहीं कर सकता है. पीपीएफ खाते को किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है.

आयकर अधिनियम (Income Tax) की धारा 64 के अनुसार आपके द्वारा आपकी पत्नी को उपहार में दी गई राशि या संपत्ति पर किसी भी आय को आपकी की आय में जोड़ा जाएगा. हालांकि, पीपीएफ के मामले में यह पूरी तरह से टैक्स फ्री है. क्लबिंग प्रोविजन के परिणामस्वरूप कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. वहीं, जब भविष्य में पत्नी के पीपीएफ खाते की मैच्योरिटी पूरी होगी तब आपकी पत्नी के पीपीएफ खाते में आपके शुरुआती निवेश से होने वाली आय को आपकी आय में साल दर साल जोड़ा जाएगा.

ऐसे में यह विकल्प शादीशुदा व्यक्ति को पीपीएफ खाते में अपना योगदान बढ़ाने का अवसर देता है. ऐसा भी सलाह दिया जाता है कि किसी विशेष वर्ष के लिए उसकी 80 सी की सीमा समाप्त हो जाए और ब्याज मुक्त आय अर्जित करने की इच्छा हो, तो कोई व्यक्ति अपने जीवनसाथी के लिए पीपीएफ खाता खोलने पर विचार कर सकता है. उन लोगों के लिए यह बेहतर विकल्प बताया जाता है, जो कम जोखिम उठाना चाहते हैं और वे एनपीएस, म्यूचुअल फंड जैसे बाजार से जुड़े उपकरणों में निवेश नहीं करना चाहते हैं.

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