इधर बैंक में चेक डाला, उधर झट से क्लियर

चेक क्लियरेंस के लिए जल्द ही गाइडलाइन जारी करेगा आरबीआई.
Check Clearance: आरबीआई के अनुसार, नई व्यवस्था में चेक को स्कैन करके पेश किया जाएगा और कुछ घंटों में क्लियरेंस हो जाएगा. इससे चेक का क्लियरेंस कुछ घंटे में हो जाएगा, जबकि अभी दो दिन तक का समय (टी प्लस 1) लगता है. गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि इस संबंध में गाइडलाइन्स जल्दी ही जारी किए जाएंगे.
Check Clearance: चेक के मार्फत बैंक में पैसा डिपॉजिट या लेनदेन करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है. वह यह है कि अब आप इधर देश के किसी भी प्राइवेट या सरकारी बैंक में चेक डिपॉजिट करेंगे और उधर कुछ ही घंटों में आपका चेक क्लियर हो जाएगा. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार 8 अगस्त 2024 को नीतिगत ब्याज दर रेपो रेट का ऐलान करते समय इस बात का भरोसा दिया है.
कुछ ही घंटों में क्लियर हो जाएगा चेक
आरबीआई ने चेक क्लियरेंस में लगने वाले समय को कुछ घंटे करने और उससे जुड़े जोखिम कम करने के मकसद से कदम उठाने की घोषणा की है. फिलहाल, चेक डिपॉजिट करने से लेकर रकम आने तक में दो दिन का समय लग जाता है, लेकिन नई व्यवस्था में चेक डिपॉजिट करने के कुछ ही घंटों में यह क्लियर हो जाएगा.
चेक ट्रंकेशन सिस्टम में होगा बदलाव
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा कि चेक क्लियरेंस को दुरुस्त करने, निपटान जोखिम कम करने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के मकसद से चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) की प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव है. उन्होंने कहा कि इसके तहत मौजूदा सीटीएस व्यवस्था के तहत बैच में प्रोसेसिंग की जगह कारोबारी समय में निरंतर आधार पर क्लियरेंस की व्यवस्था की जाएगी.
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जल्द ही गाइडलाइन जारी करेगा आरबीआई
आरबीआई के अनुसार, नई व्यवस्था में चेक को स्कैन करके पेश किया जाएगा और कुछ घंटों में क्लियरेंस हो जाएगा. इससे चेक का क्लियरेंस कुछ घंटे में हो जाएगा, जबकि अभी दो दिन तक का समय (टी प्लस 1) लगता है. गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि इस संबंध में गाइडलाइन्स जल्दी ही जारी किए जाएंगे. इसके अलावा, आरबीआई ने बैंकों की तरफ से अपने ग्राहकों के बारे में क्रेडिट सूचना कंपनियों को दी जाने वाली रिपोर्ट हर पखवाड़े देने का प्रस्ताव किया है. फिलहाल, महीने में एक बार यह रिपोर्ट दी जाती है.
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लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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