ePaper

Nestle की बढ़ने वाली है परेशानी! सरकार ने FSSAI को दिया ये आदेश, स्टॉक में दिखा एक्शन

Updated at : 19 Apr 2024 11:59 AM (IST)
विज्ञापन
Nestle

Nestle

Nestle: बच्चों के खाने में अधिक चीनी मिलाने के आरोप के मामले में नेस्ले इंडिया की परेशानी बढ़ती हुआ दिख रही है. केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) को मामले में संज्ञान लेने के लिए कहा है.

विज्ञापन

Nestle की परेशानी बढ़ने वाली है. दरअसल, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) को नेस्ले इंडिया के कम विकसित देशों में अधिक चीनी वाले शिशु उत्पाद बेचने की रिपोर्ट पर गौर करने को कहा है. स्विस गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) पब्लिक आई और इंटरनेशनल बेबी फूड एक्शन नेटवर्क (आईबीएफएएन) ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि नेस्ले ने यूरोप के अपने बाजारों की तुलना में भारत सहित कम विकसित दक्षिण एशियाई देशों, अफ्रीकी तथा लैटिन अमेरिकी देशों में अधिक चीनी वाले शिशु उत्पाद बेचे. उपभोक्ता मामलों की सचिव एवं केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) की प्रमुख निधि खरे ने कहा कि हमने एफएसएसएआई को नेस्ले के शिशु उत्पाद पर आई रिपोर्ट का संज्ञान लेने के को कहा है. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने भी रिपोर्ट पर गौर किया और एफएसएसएआई को नोटिस जारी किया है.

क्या है कंपनी का दावा

नेस्ले इंडिया ने बृहस्पतिवार दावा किया था कि उसने पिछले पांच वर्षों में भारत में शिशु आहार उत्पादों में चीनी में 30 प्रतिशत से अधिक की कमी की है. कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि चीनी में कमी करना नेस्ले इंडिया की प्राथमिकता है. पिछले पांच वर्षों में हमने उत्पाद के आधार पर चीनी में 30 प्रतिशत तक की कमी की है. हम नियमित रूप से अपने उत्पादों की समीक्षा करते रहते हैं और पोषण, गुणवत्ता, सुरक्षा तथा स्वाद से समझौता किए बिना चीनी के स्तर को कम करने के लिए अपने उत्पादों में सुधार करते रहते हैं.

Also Read: RBI के निशाने पर आए ये पांच बैंक, लगाया लाखों का जुर्माना, तुरंत देखें कहीं आपका खाता भी यहां तो नहीं?

Nestle india share price.

150 शिशु उत्पाद का किया गया अध्ययन

नेस्ले इंडिया ने दावा किया कि उसके शिशु अनाज उत्पादों का निर्माण बच्चों की प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, खनिज, लौह आदि जैसी पोषण संबंधी आवश्यकता सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है. कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि हम अपने उत्पादों की पोषण गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं करते हैं और न ही करेंगे. हम अपने उत्पादों की पोषण संबंधी उत्पादों को बढ़ाने के लिए अपने व्यापक वैश्विक अनुसंधान व विकास नेटवर्क की लगातार मदद लेते हैं. अपने उपभोक्ताओं को सर्वोत्तम पोषण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो हम 100 वर्षों से अधिक समय से कर रहे हैं. हम अपने उत्पादों में पोषण, गुणवत्ता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने को प्रतिबद्ध हैं. रिपोर्ट में विभिन्न देशों में बेचे जाने वाले करीब 150 विभिन्न शिशु उत्पादों का अध्ययन किया गया.

स्टॉक में क्या दिखा एक्शन

कंपनी के शेयर में आज सुबह से बड़ी गिरावट देखने को मिली है. सुबह 11.45 बजे कंपनी के शेयर का भाव 0.63 प्रतिशत यानी 15.45 रुपये टूटकर 2,447.10 पर कारोबार कर रहा है. हालांकि, पिछले पांच दिनों में कंपनी के स्टॉक में 3.40 प्रतिशत का निगेटिव रिटर्न दिया है. जबकि, छहमाही आधार पर कंपनी के स्टॉक में 1.40 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है. जबकि, सालाना आधार पर निवेशकों को 18.59 प्रतिशत का रिटर्न मिला है.
(भाषा इनपुट के साथ)

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola