गैस बुकिंग के बाद कितने दिन में घर आना चाहिए सिलेंडर? देरी होने पर ऐसे करें शिकायत

Updated at : 16 Mar 2026 10:32 PM (IST)
विज्ञापन
LPG Gas Delivery

LPG Gas Delivery

LPG Gas Delivery: मिडिल ईस्ट संकट के बीच एलपीजी की किल्लत और पैनिक बुकिंग को रोकने के लिए सरकार ने नए नियम लागू किए हैं. अब शहरों में 25 दिन के अंतराल पर ही सिलेंडर बुक होगा. सप्लाई सुचारू रखने के लिए बुकिंग के 2-3 दिन में डिलीवरी और ओटीपी सत्यापन अनिवार्य है.

विज्ञापन

LPG Gas Delivery: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण देश भर में LPG गैस की सप्लाई को लेकर मची अफरा-तफरी के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है. कई राज्यों में स्टॉक खत्म होने की शिकायतों और पैनिक बुकिंग की बढ़ती खबरों को देखते हुए सरकार ने वितरण प्रणाली को सुचारू बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. सरकार ने साफ किया है कि देश में गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि किल्लत की अफवाहों के चलते लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे हैं, जिससे सप्लाई चेन पर बेवजह दबाव बढ़ गया है.

बुकिंग के बीच तय किया गया समय

सप्लाई सिस्टम को नियंत्रित करने और गैस की समान आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच एक लॉक-इन पीरियड यानी न्यूनतम समय सीमा तय कर दी है. अब कोई भी उपभोक्ता एक सिलेंडर प्राप्त करने के तुरंत बाद दूसरा रीफिल बुक नहीं कर पाएगा। नए नियमों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को पिछले सिलेंडर की डिलीवरी मिलने के बाद कम से कम 25 दिन का अनिवार्य इंतजार करना होगा. वहीं, ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में यह अवधि बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई है. सरकार का मानना है कि इस कदम से जमाखोरी पर लगाम लगेगी.

डिलीवरी में देरी और लंबित बुकिंग पर स्पष्टीकरण

सिलेंडर की डिलीवरी में हो रही देरी को लेकर भी सरकार ने स्थिति साफ की है. अधिकारियों के मुताबिक, सामान्य परिस्थितियों में बुकिंग के 2 से 3 दिन के भीतर सिलेंडर डिलीवर हो जाना चाहिए. हालांकि, पिछले कुछ दिनों में अचानक मांग बढ़ने और बुकिंग सर्वर पर लोड अधिक होने के कारण कई क्षेत्रों में डिलीवरी में एक सप्ताह तक का समय लग रहा है. प्रशासन का कहना है कि लंबित बुकिंग को प्राथमिकता के आधार पर क्लियर किया जा रहा है और जल्द ही डिलीवरी का समय फिर से सामान्य हो जाएगा.

सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य

गैस वितरण में होने वाली गड़बड़ी और ब्लैक मार्केटिंग को जड़ से खत्म करने के लिए अब डिलीवरी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित बना दिया गया है. अब अधिकांश क्षेत्रों में ओटीपी (OTP) आधारित वेरिफ़िकेशन व्यवस्था लागू की गई है. इसके तहत, जब डिलीवरी कर्मी आपके घर पहुंचेगा, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक कोड आएगा.

यह ओटीपी डिलीवरी बॉय को बताना अनिवार्य होगा, जिसके बाद ही सिस्टम में डिलीवरी की पुष्टि मानी जाएगी. इस नई व्यवस्था से फर्जी एंट्री और गैस चोरी जैसी समस्याओं पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है.

Also Read: दिल्ली-NCR में नया PNG कनेक्शन लेने पर मिल रहा डिस्काउंट, 31 मार्च से पहले ऐसे उठाएं फायदा

विज्ञापन
Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola