8th Pay Commission : सरकार ने आठवें वेतन आयोग के गठन से किया इनकार, लाखों कर्मचारियों को होगा नुकसान

सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के वेतनमान में बढ़ोतरी के लिए फरवरी 2014 में सातवें वेतन आयोग का गठन किया था. इसके बाद लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के वेतनमान में बढ़ोतरी के लिए 1 जनवरी 2016 से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया गया था.
8th Pay Commission Latest Updates : सरकार ने भारत के लाखों सरकारी कर्मचारियों के वेतनमान में बढ़ोतरी के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन से इनकार कर दिया है. वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने बीते दिनों लोकसभा में इस बात की जानकारी दी है कि सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग के गठन पर विचार नहीं कर रही है. उन्होंने यह स्पष्ट भी किया है कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर सरकार के पास कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. उन्होंने कहा कि इसे 1 जनवरी, 2026 को लागू किया जा सकता है. सरकार के इस इनकार से देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. आइए, जानते हैं कि उन्हें कितना नुकसान हो सकता है.
बता दें कि सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के वेतनमान में बढ़ोतरी के लिए फरवरी 2014 में सातवें वेतन आयोग का गठन किया था. इसके बाद लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के वेतनमान में बढ़ोतरी के लिए 1 जनवरी 2016 से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया गया था. अब सरकार यह कह रही है कि केंद्र के अधीन काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के वेतनमान में बढ़ोतरी के लिए 8वें वेतन आयोग का गठन नहीं किया जाएगा. अलबत्ता, प्रत्येक छह महीने के अंतराल पर उनके महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी जरूर की जाएगी.
गौरतलब है कि भारत में 1947 में आजादी मिलने के बाद से अब तक सात वेतन आयोगों का गठन किया गया है. केंद्र हर 10 साल के बाद सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे को संशोधित करने के लिए एक वेतन आयोग का गठन करती है. भारत का पहला वेतन आयोग जनवरी 1946 में स्थापित किया गया था. वेतन आयोग का संवैधानिक ढांचा व्यय विभाग (वित्त मंत्रालय) के अंतर्गत आता है.
अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (एआईसीपीआई) में बदलाव के आधार पर डीए को संशोधित किया गया है. अब, जैसा कि एआईसीपीआई अपने रिकॉर्ड ऊंचाई पर है, सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में वृद्धि की संभावना भी अधिक है. मई में खुदरा मुद्रास्फीति 7.04 फीसदी रही, जो आरबीआई के 2-6 फीसदी के लक्ष्य स्तर से ऊपर है. वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को महंगाई के कारण उनके वेतन के वास्तविक मूल्य में कमी की भरपाई के लिए उन्हें महंगाई भत्ता (डीए) का भुगतान किया जाता है और डीए की दर को समय-समय पर संशोधित किया जाता है. उनके इस बयान से केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की उम्मीद बढ़ी है.
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कर्मचारियों को महंगाई भत्ता इस आधार पर दिया जाता है कि वे शहरी क्षेत्र, अर्ध-शहरी क्षेत्र या ग्रामीण क्षेत्र में काम करते हैं या नहीं. केंद्र सरकार ने 31 मार्च, 2022 को केंद्र सरकार के 47.7 लाख कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते को तीन प्रतिशत बढ़ाकर 34 प्रतिशत कर दिया था और मुद्रास्फीति से कुछ राहत प्रदान करने के लिए 68.6 लाख पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत में बढ़ोतरी की भी घोषणा की थी.
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