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Look Back 2024: भारी गिरावटों के बावजूद मुनाफेदार रहा शेयर बाजार, निवेशकों को लगातार नौवें साल किया मालामाल

Updated at : 30 Dec 2024 10:45 AM (IST)
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BSE and NSE

Stock market remained profitable Despite heavy declines

Look Back 2024: बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इस साल 27 सितंबर को 85,978.25 के अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था. उसी दिन निफ्टी ने भी अपने 26,277.35 अंक के सर्वकालिक उच्चस्तर को छुआ था. दिसंबर में अब तक सेंसेक्स 1,103.72 अंक या 1.38% नीचे आया है. बीते साल 2023 में सेंसेक्स 11,399.52 अंक या 18.73% चढ़ा था. निफ्टी 3,626.1 अंक या 20% के लाभ में रहा था.

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Look Back 2024: साल 2024 में भारतीय शेयर बाजार कई भारी गिरावटों के बावजूद काफी मुनाफेदार साबित हुआ. साल के दौरान जहां भारतीय शेयर बाजारों ने कई बार रिकॉर्ड बनाया, तो दूसरी ओर उसे बीच-बीच बड़े नुकसान का भी सामना करना पड़ा. इसके बावजूद घरेलू फंडों के फ्लो और मजबूत मैक्रो सेनेरियो की वजह से स्थानीय शेयरों ने साल के दौरान निवेशकों को बंपर रिटर्न देकर मालामाल कर दिया.

बीते दो महीने से शेयर बाजार में भारी बिकवाली

मोतीलाल ओसवाल वेल्थ मैनेजमेंट के एक नोट में कहा गया है कि साल 2024 की पहली छमाही में कंपनियों के मजबूत वित्तीय नतीजों, घरेलू फंडों के फ्लो में उछाल और मजबूत मैक्रो सेनेरियो की वजह से निफ्टी सितंबर, 2024 में 26,277.35 अंक के ऑलटाइम हाई पर पहुंचा गया था. नोट में कहा गया है, ”पिछले दो महीने में शेयर बाजार अपने ऑलटाइम हाई के लेवल से नीचे आ गया है. यह 2020 में कोविड-19 महामारी के बाद तीसरी बड़ी गिरावट थी. इसकी मुख्य वजह घरेलू और वैश्विक कारक हैं. इसकी वजह से विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की जबर्दस्त बिकवाली है.”

सेंसेक्स 8.94% और निफ्टी 9.58% हुए मजबूत

साल 2024 में 27 दिसंबर तक बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 6,458.81 अंक या 8.94% चढ़ा है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में 2,082 अंक या 9.58% का उछाल आया है. यह साल काफी घटनाक्रमों का रहा. साल के दौरान भारत में आम चुनाव के अलावा अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव मुख्य घटनाक्रम रहे. इसके अलावा, शेयर बाजारों पर दो प्रमुख भू-राजनीतिक घटनाक्रमों में इजरायल-ईरान संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध का भी असर पड़ा.

तेजड़ियों और मंदड़ियों में चलती रही भिड़ंत

साल 2024 में तेजड़ियों और मंदड़ियों के बीच काफी भिड़ंत देखने को मिला. वैश्विक वृहद आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक तनाव ने शेयर बाजार को काफी प्रभावित किया, जिसकी वजह से बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला. हालांकि, दुनियाभर में अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय बाजारों ने काफी हद तक दबाव के बीच अच्छा प्रदर्शन किया और निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिया.

वैल्यूएशन में उछाल का साल रहा 2024

मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शोध-अनुसंधान विश्लेषक प्रशांत तापसे ने कहा, ”यह वैल्यूएशन में उछाल का साल भी था, जिसने भारतीय बाजारों को दुनिया में सबसे महंगा बना दिया. बाजार में अतिरिक्त लिक्विडिटी ने वैल्यूएशन को ऊंचाई पर पहुंचा दिया, जिसकी वजह से ‘करेक्शन’ देखने को मिला.

27 सितंबर को सेंसेक्स-निफ्टी ने बनाया रिकॉर्ड

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इस साल 27 सितंबर को 85,978.25 के अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था. उसी दिन निफ्टी ने भी अपने 26,277.35 अंक के सर्वकालिक उच्चस्तर को छुआ था. 2024 लगातार नौवां साल रहा है, जबकि स्थानीय शेयर बाजारों ने निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न दिया है. इस दौरान छोटी और मझोली कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन बड़ी कंपनियों से बेहतर रहा. यही वजह है कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने निवेशकों को ‘लार्जकैप’ की तुलना में अधिक रिटर्न दिया है.

सेंसेक्स-निफ्टी का अमेरिकी बाजारों से खराब प्रदर्शन

स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लि. के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, ‘ निफ्टी और सेंसेक्स का प्रदर्शन अन्य देशों विशेषरूप से अमेरिका के बाजारों से कमजोर रहा है. इस खराब प्रदर्शन की वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की जबर्दस्त बिकवाली है.”

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2023 में काफी मुनाफे में रहे थे सेंसेक्स-निफ्टी

सितंबर के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर से सेंसेक्स 8.46% नीचे आ चुका है. निफ्टी रिकॉर्ड स्तर से 9.37% टूट चुका है. अकेले अक्टूबर में सेंसेक्स 4,910.72 अंक या 5.82% नीचे आया था. इसी महीने निफ्टी में 1,605.5 अंक या 6.22% की गिरावट आई थी. दिसंबर में अब तक सेंसेक्स 1,103.72 अंक या 1.38% नीचे आया है. अक्टूबर में एफआईआई ने भारतीय बाजारों से 94,017 करोड़ रुपये की निकासी की थी. बीते साल 2023 में सेंसेक्स 11,399.52 अंक या 18.73% चढ़ा था. निफ्टी 3,626.1 अंक या 20% के लाभ में रहा था.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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