बासमती चावल और सी-फूड पर घटा टैक्स, जानें कब लागू होगा इंडिया-अमेरिका ट्रेड डील

India US Trade Deal
India US Trade Deal: भारत-अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते से बासमती चावल और सी-फूड पर टैक्स घटकर 18% रह गया है. यह डील मार्च 2026 तक पूरी तरह प्रभावी होगी, जिससे करीब ₹17 लाख करोड़ अरब के अमेरिकी बाजार में भारतीय किसानों और निर्यातकों के लिए तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे.
India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच एक ऐतिहासिक व्यापारिक समझौता हुआ है, जिसने भारतीय कृषि और खाद्य उत्पादों के लिए तरक्की की नई राहें खोल दी हैं. वाणिज्य मंत्रालय की नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अब अमेरिका के विशाल $206 अरब (करीब ₹17 लाख करोड़) के खाद्य और कृषि बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के लिए तैयार है. यह समझौता भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने वाला एक ‘मास्टरस्ट्रोक’ माना जा रहा है.
मसाले, चाय और फलों पर अब ‘जीरो टैक्स’ का फायदा
इस डील की सबसे बड़ी ताकत टैक्स में मिलने वाली रियायतें हैं. अब भारत के कई प्रमुख उत्पाद जैसे मसाले, ताजी चाय, कॉफी और फल (खासकर आम और केले) अमेरिका के बाजारों में जीरो ड्यूटी यानी बिना किसी टैक्स के बिकेंगे. इसके साथ ही औषधीय तेल और डिब्बाबंद खाने (Processed Food) पर भी यह छूट मिलेगी. जब टैक्स नहीं लगेगा, तो अमेरिकी बाजारों में भारतीय सामान की कीमत कम होगी और मांग बढ़ेगी, जिससे सीधे तौर पर हमारे किसानों का मुनाफा बढ़ेगा.
समुद्री उत्पाद और बासमती चावल की बढ़ेगी धमक
केवल फल और मसाले ही नहीं, बल्कि भारत के समुद्री उत्पादों (जैसे झींगा मछली) और प्रीमियम बासमती चावल के लिए भी अमेरिका ने अपने दरवाजे खोल दिए हैं. इन सामानों पर लगने वाले टैक्स को घटाकर अब 18% कर दिया गया है. अमेरिका का सी-फूड बाजार दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक है, और भारत के पास अब मौका है कि वह अपनी हिस्सेदारी को कई गुना बढ़ा सके. 2024 में भारत पहले से ही फायदे में था, लेकिन इस नई डील के बाद यह आंकड़ा और भी ऊपर जाएगा.
कब से और कैसे मिलेगा इस डील का बेनिफिट?
इस डील को जमीनी स्तर पर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है. उम्मीद है कि इसी हफ्ते अमेरिका के एक विशेष आदेश के जरिए 18% कम टैक्स वाली सुविधा शुरू हो जाएगी. वहीं, मार्च 2026 तक जब दोनों देश औपचारिक रूप से इस समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे, तब जीरो-ड्यूटी वाली रियायतें भी पूरी तरह प्रभावी हो जाएंगी. इससे न केवल निर्यात बढ़ेगा, बल्कि देश में विदेशी मुद्रा का भंडार भी मजबूत होगा.
इंडीयन डिप्लोमेसी की बड़ी कामयाबी
यह समझौता उन लोगों को एक ठोस जवाब है जो भारत की व्यापार नीति पर सवाल उठा रहे थे. भारत ने बहुत ही सूझबूझ के साथ अपने किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा की है और अमेरिकी बाजार का सबसे कीमती हिस्सा अपने नाम कर लिया है. इस डील के बाद भारतीय गांवों और खेतों से निकला सामान अब दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की पहली पसंद बनने जा रहा है.
Also Read: अदाणी एनर्जी पर जापानी बैंकों ने जताया भरोसा, 6200 करोड़ रुपए के लोन से पूरा होगा ये प्रोजेक्ट
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Anshuman Parashar
अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




