भारत में शुरू हुई बैरियर-लेस टोलिंग; बिना रुके 120 की स्पीड में कटेगा पैसा

गुजरात में NH-48 (सूरत-भरूच सेक्शन) (फोटो : NHAI )
India Launches First Barrier Free Toll : टोल प्लाजा पर रुकने का झंझट खत्म! गडकरी ने लॉन्च किया भारत का पहला 'बैरियर-लेस' टोलिंग सिस्टम। अब 120 की स्पीड में भी अपने आप कट जाएगा टोल . जानिए कैसे काम करती है यह AI तकनीक.
India Launches First Barrier Free Toll : गुजरात में NH-48 (सूरत-भरूच सेक्शन) के चोर्यासी टोल प्लाजा से भारत के एक नए टेक्नॉलजी की शुरुआत हुई है. अब आपको टोल देने के लिए न तो गाड़ी धीमी करनी होगी और न ही किसी डंडे (बैरियर) के हटने का इंतजार करना होगा.
कैसे काम करता है MLFF सिस्टम ?
यह तकनीक “सेंसर और कैमरों” के जाल पर आधारित है. सड़क के ऊपर एक लोहे का फ्रेम (Overhead Frame) लगा होता है, जिसमें दो प्रमुख चीजें होती हैं.
- RFID रीडर्स: ये आपके वाहन पर लगे FASTag को स्कैन करते हैं.
- AI कैमरे (ANPR): ये हाई-परफॉर्मेंस कैमरे 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ती गाड़ी की नंबर प्लेट को भी सटीकता से पढ़ लेते हैं.
- जब आपकी गाड़ी इस फ्रेम के नीचे से गुजरती है, तो ये दोनों सिस्टम मिलकर रियल-टाइम में गाड़ी की पहचान करते हैं और लिंक्ड अकाउंट से पैसे काट लेते हैं.
अगर FASTag न हो तो क्या होगा?
इस सिस्टम से बच निकलना नामुमकिन है. अगर किसी गाड़ी में फास्टैग नहीं है या वह काम नहीं कर रहा है, तो एआई कैमरे उसकी नंबर प्लेट के जरिए मालिक की पहचान कर लेंगे और सीधे ई-नोटिस (E-notice) या चालान घर भेज दिया जाएगा.
आम आदमी को क्या मिलेगा फायदा?
नितिन गडकरी के मुताबिक, यह सिस्टम आम लोगों के जीवन को 4 तरीकों से आसान बनाएगा:
- समय की बचत: टोल पर रुकने और लाइन में लगने का समय जीरो हो जाएगा.
- ईंधन की बचत: बार-बार गाड़ी रोकने और स्टार्ट करने में जो तेल जलता है, उसकी बचत होगी.
- प्रदूषण में कमी: जाम न लगने से गाड़ियों का धुआं कम होगा.
- लॉजिस्टिक्स में तेजी: ट्रक और मालवाहक गाड़ियां बिना रुके मंजिल तक पहुंचेंगी, जिससे व्यापार करना सस्ता और आसान होगा.
अंतरराष्ट्रीय मानकों की ओर भारत
यह सिस्टम अभी प्रयोग के तौर पर गुजरात में शुरू किया गया है, लेकिन आने वाले समय में इसे देश के सभी प्रमुख हाईवे पर लागू करने की योजना है. यह भारत के टोल सिस्टम को दुनिया के विकसित देशों (जैसे सिंगापुर या यूरोप) के स्तर पर ले जाएगा.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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