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LTGC FAQ: इनकम टैक्स ने एलटीजीसी बदलाव पर जारी किया एफएक्यू, जानें सवाल का जवाब

Updated at : 25 Jul 2024 3:48 PM (IST)
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LTGC FAQ: इनकम टैक्स ने एलटीजीसी बदलाव पर जारी किया एफएक्यू, जानें सवाल का जवाब

आयकर विभाग ने एलटीजीसी पर एफएक्यू जारी किया.

LTGC FAQ: किसी परिसंपत्ति को दीर्घकालिक अचल संपत्ति के रूप में योग्य बनाने के लिए आवश्यक धारण अवधि को स्टैंडर्डाइज किया गया है. सूचीबद्ध इक्विटी और इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड के लिए अवधि अब एक साल है.

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LTGC FAQ: आयकर विभाग ने अभी 23 जुलाई 2024 को लोकसभा में पेश किए गए बजट में लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स में किए गए बदलाव को लेकर जताई जा रही आशंकाओं पर FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) का ब्योरा जारी किया है. आयकर विभाग (Income Tax Department) ने कहा कि एफएक्यू जारी करने के पीछे का मकसद टैक्स स्लैब को सरल बनाना और उसके अनुपालन को आसान बनाना है.

क्या टैक्स की दर को बढ़ाया गया है?

सभी वित्तीय और गैर-वित्तीय संपत्तियों के लिए लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी) टैक्स की की दर को 10% से बढ़ाकर 12.5% ​​कर दी गई है. यह नई दर छूट सीमा से अधिक लाभ पर लागू होती है.

क्या एलटीसीजी टैक्स में छूट की सीमा भी बढ़ाई गई है?

एलटीसीजी के लिए छूट सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये सालाना कर दी गई है. इसका मतलब है कि 1.25 लाख रुपये तक के लाभ एलटीसीजी टैक्स के अधीन नहीं होंगे.

धारण अवधि सरलीकरण क्या है?

किसी परिसंपत्ति को दीर्घकालिक अचल संपत्ति के रूप में योग्य बनाने के लिए आवश्यक धारण अवधि को स्टैंडर्डाइज किया गया है. सूचीबद्ध इक्विटी और इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड के लिए अवधि अब एक साल है. सोना, गैर-सूचीबद्ध प्रतिभूतियां (गैर-सूचीबद्ध शेयरों के अलावा) और अचल संपत्ति के लिए धारण अवधि को घटाकर दो साल कर दिया गया है.

क्या इंडेक्सेशन बेनिफिट को हटा दिया गया है?

इंडेक्सेशन बेनिफिट महंगाई को अचल संपत्ति के खरीद मूल्य को जोड़ देता था. इंडेक्सेशन बेनिफिट रियल एस्टेट सेक्टर को छोड़कर सभी अचल संपत्ति वर्गों के लिए हटा दिया गया है.

शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन टैक्स क्या है?

शेयर बाजार में लिस्टेड शेयर, इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड और व्यावसायिक ट्रस्टों की इकाइयों पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (एसटीसीजी) टैक्स को 15% से बढ़ाकर 20% कर दिया गया है.

अचल संपत्तियों की होल्डिंग पीरियड क्या है?

शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (Long-Term Capital Gain) टैक्स के उद्देश्य से विभिन्न अचल संपत्ति वर्गों के लिए होल्डिंग अवधि को युक्तिसंगत बनाया गया है. एलटीसीजी के मामले में अब सभी सूचीबद्ध अचल संपत्तियों को रखने की अवधि एक वर्ष होगी. लिहाजा व्यावसायिक न्यासों की सूचीबद्ध इकाइयों (रीट्स, इनविट्स) के संदर्भ में होल्डिंग अवधि 36 महीने से घटाकर 12 महीने कर दी गई है. एलटीसीजी के कैलकुलेशन के लिए सोना एवं गैर-सूचीबद्ध प्रतिभूतियों (गैर-सूचीबद्ध शेयरों के अलावा) की होल्डिंग अवधि भी 36 महीने से घटाकर 24 महीने कर दी गई है. अचल संपत्ति और गैर-सूचीबद्ध शेयरों की होल्डिंग अवधि पहले की ही तरह 24 महीने बनी रहेगी.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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