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गौतम अदाणी को मिला अमेरिकी सांसद का साथ, बाइडन प्रशासन के जांच के फैसले को दी चुनौती

Updated at : 08 Jan 2025 11:48 AM (IST)
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Gautam Adani

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी.

Gautam Adani: राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन ने अमेरिका में भारत के अरबपति उद्योगपति गौतम अदाणी की गतिविधियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को जीत मिली है और वे 20 जनवरी को पदभार ग्रहण करेंगे. गौतम अदाणी के खिलाफ बाइडन प्रशासन की ओर जांच के आदेश को डोनाल्ड ट्रंप के सामने चुनौती खड़ा करने के रूप में देखा जा रहा है. इसीलिए गौतम अदाणी के पक्ष में अमेरिकी सांसद लैंस गुडेन ने अमेरिकी अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड को चिट्ठी लिखी है.

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Gautam Adani: अमेरिकी सांसद और सदन न्यायपालिका समिति के सदस्य लैंस गुडेन ने भारतीय अरबपति गौतम अदाणी की गतिविधियों की जांच करने के बाइडन प्रशासन के फैसले को चुनौती दी है. अमेरिकी सांसद लैंस गुडेन ने अमेरिकी अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड को 7 जनवरी 2025 को लिखे एक कड़े पत्र में कहा कि इस तरह की चयनात्मक कार्रवाइयों से भारत जैसे प्रमुख सहयोगियों के साथ महत्वपूर्ण गठबंधन कमजोर हो सकते हैं.

न्याय विभाग के चयनात्मक अभियोजन पर उठे सवाल

सांसद लैंस गुडेन ने पूछा, “यदि भारत प्रत्यर्पण अनुरोध को मानने से इनकार कर देता है, तो अमेरिका क्या करेगा?” उन्होंने न्याय विभाग (DOJ) की “चयनात्मक अभियोजन” पर भी सवाल उठाए और इसके अमेरिका के वैश्विक गठबंधनों और आर्थिक वृद्धि पर संभावित नकारात्मक प्रभाव पर चिंता जताई.

निवेशकों को प्रभावित करती हैं प्रशासनिक कार्रवाइयां

सांसद लैंस गुडेन ने यह भी कहा कि ऐसी प्रशासनिक कार्रवाइयां उन इकाइयों को निशाना बनाती हैं, जो अमेरिका में अरबों डॉलर का निवेश करती हैं और हजारों नौकरियां पैदा करती हैं. उन्होंने कहा कि जब अमेरिका हिंसक अपराध, आर्थिक जासूसी और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) से पैदा खतरों की अनदेखी करता है, तो यह निवेशकों को अमेरिका में निवेश करने से हतोत्साहित करता है.

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डोनाल्ड ट्रंप के लिए बाधा खड़ी करने की आशंका

सांसद लैंड गुडेन ने आगे कहा कि इन कार्रवाइयों का समय बाइडन प्रशासन के अंत के करीब होने के कारण यह शंका पैदा करता है कि इनका उद्देश्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बाधाएं खड़ी करना हो सकता है. गुडेन ने न्याय विभाग से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि इस प्रकार की कार्रवाइयां अमेरिका के आर्थिक विकास और वैश्विक सहयोग के लिए हानिकारक न हों.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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