ePaper

RBI अप्रैल में भी रेपो रेट में कर सकता है इजाफा, 2023 में लोन सस्ता होने की उम्मीद नहीं

Updated at : 09 Feb 2023 11:29 AM (IST)
विज्ञापन
RBI अप्रैल में भी रेपो रेट में कर सकता है इजाफा, 2023 में लोन सस्ता होने की उम्मीद नहीं

एचडीएफसी बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री अभीक बरुआ ने कहा कि अप्रैल की नीतिगत समीक्षा के दौरान रेपो दर में 0.25 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है. इसका कारण यह बताया जा रहा है कि आरबीआई प्रमुख मुद्रास्फीति पर काबू पाने का रुख कायम रखता हुआ नजर आ रहा है.

विज्ञापन

मुंबई : अगर आप भारत के किसी भी बैंक से होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन या एजुकेशन लोन ले रखी है, तो आपके लिए एक बेहद जरूरी खबर है. वह यह कि चालू साल 2023 में भी लोन और लोन की ईएमआई सस्ता होने की उम्मीद नहीं है. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अभी बुधवार 8 फरवरी को ही नीतिगत ब्याज दर रेपो रेट में 0.25 फीसदी अथवा 25 बेसिस प्वाइंट (आधार अंक) की बढ़ोतरी की है. आरबीआई ने मई 2022 से अब तक रेपो रेट को बढ़ाकर 6.50 फीसदी पर पहुंचा दिया है. बाजार विश्लेषकों की मानें, तो बढ़ती महंगाई को देखते हुए आरबीआई अप्रैल में भी रेपो रेट में 0.25 फीसदी तक बढ़ोतरी कर सकता है. उनका कहना है कि नीतिगत ब्याज दर में बढ़ोतरी के रुख पर कायम आरबीआई अप्रैल में प्रस्तावित अगली मौद्रिक समीक्षा में भी रेपो रेट में 0.25 फीसदी की एक और वृद्धि कर सकता है.

महंगाई काबू करने के लिए ब्याज दर में बढ़ोतरी

एचडीएफसी बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री अभीक बरुआ ने कहा कि अप्रैल की नीतिगत समीक्षा के दौरान रेपो दर में 0.25 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है. इसका कारण यह बताया जा रहा है कि आरबीआई प्रमुख मुद्रास्फीति पर काबू पाने का रुख कायम रखता हुआ नजर आ रहा है. बरुआ ने कहा कि अगले कुछ महीनों तक कुल मुद्रास्फीति के मध्यम रहने के बावजूद प्रमुख मुद्रास्फीति बनी रह सकती है और आरबीआई इसी को नियंत्रित करने के लिए नीतिगत दर रेपो रेट में 0.25 फीसदी की वृद्धि कर सकता है.

रेपो रेट में बढ़ोतरी पर फिलहाल ब्रेक नहीं

एक्यूट रेटिंग की मुख्य विश्लेषण अधिकारी सुमन चौधरी का भी मानना है कि नीतिगत दर रेपो रेट की वृद्धि पर विराम लगने के संकेत नहीं दिख रहे हैं. हालांकि, इंडिया रेटिंग के प्रमुख अर्थशास्त्री सुनील सिन्हा ने कहा कि आरबीआई अब नीतगत दर रेपो नहीं बढ़ाएगा, लेकिन इसे कम करने के बारे में बिल्कुल नहीं सोचेगा. इसका मतलब है कि निकट भविष्य में इसके कम से कम मौजूदा स्तर पर रहने की संभावना बनी हुई है.

Also Read: RBI ने रेपो रेट में छठी बार 0.25% की बढ़ोतरी की, आम आदमी पर फिर चला चाबुक, होम लोन की EMI हो सकती है महंगी
फेडरल रिजर्व के असर से बाहर निकलना जरूरी

एसबीआई के समूह मुख्य अर्थशास्त्री सौम्य कांति घोष ने कहा कि आरबीआई का फेडरल रिजर्व के असर से बाहर निकलना जरूरी है और यह अप्रैल की नीतिगत समीक्षा से साफ हो जाएगा. उन्होंने कहा कि किसी भी देश की मौद्रिक नीति अपनी जरूरतों से तय होनी चाहिए. बता दें कि आरबीआई रेपो रेट में वृद्धि के जरिए महंगाई को काबू करने में जुटा हुआ है और इसीलिए रेपो रेट में बढ़ोतरी किया जा रहा है.

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola