लॉकडाउन से अबतक रॉकेट बन गया डॉ रेड्डीज का शेयर, निवेशकों को दिया छप्परफाड़ रिटर्न

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :16 Oct 2024 2:04 PM (IST)
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लॉकडाउन से अबतक रॉकेट बन गया डॉ रेड्डीज का शेयर, निवेशकों को दिया छप्परफाड़ रिटर्न

लॉकडाउन से लेकर अब तक डॉ रेड्डीज के शेयर में 238% की बढ़ोतरी

Dr Reddy Share: दवा बनाने वाली कंपनी डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज लिमिटेड की स्थापना 1984 में हुई थी. इसकी संस्थापक डॉ कलाम अंजी रेड्डी थे. डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज की स्थापना से पहले डॉ अंजी रेड्डी सरकारी कंपनी इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल लिमिटेड में कार्यरत थे. कंपनी का मुख्यालय हैदराबाद में है.

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Dr Reddy’s Share: भारत में दवा बनाने वाली दिग्गज कंपनी डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज लिमिटेड (डॉ रेड्डीज) ने अपने निवेशकों को बंपर रिटर्न दिया है. खासकर, कोविड महामारी के दौरान भारत में पहले चरण में लगे लॉकडाउन वाले दिन 24 मार्च 2020 से लेकर 16 अक्टूबर 2024 तक डॉ रेड्डीज के शेयर ने निवेशकों को करीब 238% से भी अधिक का रिटर्न दिया है. 24 मार्च 2020 को डॉ रेड्डीज के शेयर की कीमत 2,801.10 रुपये थी, जो 16 अक्टूबर 2024 यानी बुधवार को बढ़कर 6,675.00 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है. फिलहाल, इस कंपनी का शेयर 0.92% की तेजी के साथ 6,672.50 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है.

डॉ कलाम अंजी रेड्डी ने की थी डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज की स्थापना

दवा बनाने वाली कंपनी डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज लिमिटेड की स्थापना 1984 में हुई थी. इसकी संस्थापक डॉ कलाम अंजी रेड्डी थे. डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज की स्थापना से पहले डॉ अंजी रेड्डी सरकारी कंपनी इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल लिमिटेड में कार्यरत थे. कंपनी का मुख्यालय हैदराबाद में है. इस कंपनी में करीब 27,048 कर्मचारी कार्यरत हैं और इसका राजस्व करीब 25,725 करोड़ रुपये है. इस समय कंपनी का मार्केट कैप 1.11 लाख करोड़ रुपये का है. साल 1986 में डॉ रेड्डीज के शेयर भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई थी. इसके बाद साल 2001 में यह न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया गया था. उस समय किसी विदेशी शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने वाली जापान से बाहर एशिया की पहली दवा निर्माता कंपनी थी.

डॉ रेड्डीज के शेयर का टारगेट प्राइस

ब्रोकरेज फर्म ट्रेंडलाइन ने डॉ रेड्डीज के शेयर का टारगेट प्राइस 6,600.22 रुपये तय किया है, जो 6,599.20 रुपये के पिछले मूल्य से 0.02% अधिक है. वहीं, ब्रोकरेज फर्म इंडमनी ने इसके शेयर का टारगेट प्राइस 6,635.02 रुपये, प्रभुदास लीलाधर ने 6,500 रुपये, फिलिप कैपिटल ने 7,300 रुपये और जेएम फाइनेंशियल ने 8,010 रुपये निर्धारित की है. इसके साथ ही, इन ब्रोकरेज फर्मों ने कहा है कि डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज लिमिटेड में निवेश करने के बारे में मूल्यांकन करते समय कुछ बातों पर विचार करना चाहिए, जिसमें कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन, बाजार की स्थिति, प्रबंधन की गुणवत्ता, मूल्यांकन और विनियामक अनुपालन आदि शामिल हैं.

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डॉ रेड्डीज का बेहतर वित्तीय प्रदर्शन की उम्मीद

सीएनबीसी टीवी18 की रिपोर्ट के अनुसार, विश्लेषकों को जुलाई-सितंबर 2024 की दूसरी तिमाही में फार्मा क्षेत्र में मजबूत वृद्धि की उम्मीद है, जो मजबूत घरेलू बाजार से प्रेरित है. कुल मिलाकर फार्मा कंपनियों को बिक्री और ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय में 8-10% की वृद्धि देखने का अनुमान है, जबकि कम ब्याज लागतों की सहायता से लाभ वृद्धि 11% तक पहुंच सकती है. तिमाही के दौरान घरेलू फॉर्मूलेशन व्यवसाय में 10-11% की वृद्धि का अनुमान है. डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज को भी नेस्ले के साथ अपने संयुक्त उद्यम के कारण आंशिक रूप से 10% से अधिक की वृद्धि दिखाने की उम्मीद है. विश्लेषकों का कहना है कि नेस्ले पोर्टफोलियो के एकीकरण के कारण डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के घरेलू बाजार में अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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