दिल्ली और बिहार में वोट देनेवाले को बंगाल में नहीं डालने देंगे वोट, अभिषेक बनर्जी की आयोग को खुली चेतावनी

Published by :Ashish Jha
Published at :15 Apr 2026 9:57 AM (IST)
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दिल्ली और बिहार में वोट देनेवाले को बंगाल में नहीं डालने देंगे वोट, अभिषेक बनर्जी की आयोग को खुली चेतावनी

अभिषेक बनर्जी

Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है. चुनाव आयोग ने नये वोटर लिस्ट में करीब एक करोड़ पुराने नाम को काट दिया है. एसआईआर ट्रिब्यूनल में विचाराधीन 27 लाख लोगों को इस बार वोट देने का अधिकार नहीं मिलेगा. वोटरों को लेकर तृणमूल कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग पर हमलावर है. वोटर लिस्ट के ऊपर तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग के सामने एक नयी चुनौती रख दी है.

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Abhishek Banerjee: कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में होने जा रहे चुनाव में वोट देने का अधिकार केवल बंगाल में रहलेवाले लोगों को मिलेगा. हम ऐसे किसी को यहां वोट नहीं देने देंगे जो दिल्ली या बिहार में हुए चुनाव में वोट डाल चुके हैं. तृणमूल के दूसरे सबसे बड़े नेता ने चुनाव आयोग को चेतावनी देते हुए कहा-अगर कोई तीन महीने पहले बिहार में वोट डालने वाला अब यहां वोट डालने आता है, तो तृणमूल कार्यकर्ता उसे वोट नहीं देने देंगे. हम ऐसा नहीं होने देंगे. अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बंगाल में कई गैर-बंगाली हैं, मुझे उनसे कोई आपत्ति नहीं है. बंगाल में भाजपा बाहरी वोटरों के मतों से जीतना चाहती है, जो हम नहीं होने देंगे.

नाम कटने का परिणाम पर दिखेगा असर

तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अगले कुछ दिनों तक आप सभी मतभेदों को भुलाकर पार्टी की जीत के लिए काम करें. अभिषेक ने एकजुट होकर लड़ने का संदेश दिया है. उन्होंने पार्षदों को अलग से यह भी समझाया कि तृणमूल कांग्रेस के बिना उनका कोई वजूद नहीं रहेगा. अभिषेक ने कहा- भाजपा ऐसा माहौल बना रही है कि वे सत्ता में आ रहे हैं. शोर हर जगह फैल चुका है. तृणमूल के 27 लाख वोट गायब हो गए हैं. दरअसल, एसआईआर में कई लोगों के नाम हटा दिए गए हैं. इसका असर नतीजों पर बहुत पड़ेगा.

गुटबाजी के संघर्षों को भूल जाओ

तृणमूल के नंबर 2 नेता ने कहा कि सब मिलकर काम करें. उन्होंने कहा- हमारी पार्टी में अभी भी कई मतभेद और अहम की भावनाएं हैं. यह चुनाव ममता बनर्जी का चुनाव है. अगर कोई खामी रह जाती है, तो बाद में कोई बवाल नहीं होगा. अगर कोई गुटबाजी है, तो अगले पंद्रह दिनों तक उससे दूर रहें. दूसरे शब्दों में, आज की बैठक में एक बार फिर यह बात साफ हो गई कि वे पूरी ताकत से चुनाव में उतरने का आह्वान कर रहे हैं.

‘पुराने और नए के बीच के संघर्ष खत्म हो’

अभिषेक ने इस दिन पार्षदों को एक विशेष संदेश दिया. उन्होंने कहा- यह मेरा चुनाव नहीं है, इसलिए मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा, ऐसा नहीं होगा. जो सर्वेक्षण सामने आए हैं, उनके अनुसार सभी का कहना है कि ममता बनर्जी आ रही हैं. इसलिए आत्मसंतुष्टि की कोई गुंजाइश नहीं है. पुराने और नए सभी को साथ लेकर चलें. पुराने लोगों का पूरा सम्मान करें. उन्हें चुनाव प्रचार में शामिल करें. किसी भी प्रकार का मतभेद या असहमति न होने दें.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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