फेडरल रिजर्व के चीफ जेरोम पॉवेल पर हमलावर हुए डोनाल्ड ट्रंप, करेंगे बर्खास्त?

Donald Trump vs Jerome Powell
Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप और जेरोम पॉवेल के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है. ट्रंप फेडरल रिजर्व चेयरमैन को हटाने की कोशिश में हैं. ब्याज दरों में कटौती न करने पर ट्रंप नाराज हैं. अमेरिका की अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार और फेड की स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है. सुप्रीम कोर्ट में पॉवेल की बर्खास्तगी पर सुनवाई चल रही है.
Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पॉवेल पर हमलावर हो गए हैं. उन्होंने अपने ही देश के केंद्रीय बैंक के चीफ पर हमले तेज कर दिए हैं. उनके इस हमले के बाद अमेरिकी केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठने लगे हैं. इस बीच, अमेरिका का सुप्रीम कोर्ट एक ऐसे मामले पर विचार कर रहा है, जिससे ट्रंप के लिए पॉवेल को बर्खास्त करना आसान हो सकता है.
टैरिफ वॉर के बाद बाजारों में उथल-पुथल
यह मामला तब सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत और चीन के साथ दुनिया के देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लागू करने के बाद अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों में बड़े पैमान उथल-पुथल मचा हुआ है. ज्यादातर अर्थशास्त्रियों को चिंता है कि फेडरल रिजर्व की लंबे समय से चली आ रही स्वतंत्रता पर हमला, बाजारों को और बाधित करेगा.
ब्याज दर में कटौती नहीं करने से खफा हैं ट्रंप
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप का फेडरल रिजर्व बैंक के चीफ जेरोम पॉवेल पर खफा होने की असली वजह ब्याज दरों में कटौती नहीं करना है. ट्रंप को यह उम्मीद थी कि जेरोम पॉवेल ब्याज दरों में कटौती करेंगे. ट्रंप ने गुरुवार को प्रमुख ब्याज दर में तेजी से कटौती नहीं करने के लिए फेडरल रिजर्व की आलोचना की. उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि उनके पास जेरोम पॉवेल को हटाने का पावर है. राष्ट्रपति ने कहा,
”अगर मैं उन्हें बाहर करना चाहता हूं, तो वह बहुत जल्दी बाहर हो जाएंगे, मेरा भरोसा कीजिए. मैं उनसे खुश नहीं हूं.”
अर्थव्यवस्था पर फेडरल का प्रभाव
अमेरिकी फेडरल रिजर्व का अर्थव्यवस्था पर काफी प्रभाव है. फेड ब्याज दरों को कम करके उधार लेना सस्ता बना सकता है और अधिक खर्च को प्रोत्साहित कर सकता है. जब अर्थव्यवस्था कमजोर होती है, तो ऐसा किया जाता है. इसके विपरीत जब अर्थव्यवस्था में अप्रत्याशित तेजी आ जाती है, तो ब्याज दरों को बढ़ाया जाता है.
जेरोम पॉवेल के हटाने से गिरेंगे शेयर बाजार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से फेडरल रिजर्व के चीफ जेरोम पॉवेल को हटाने का प्रयास किया गया, तो इससे शेयर बाजारों में गिरावट आ सकती है. बॉन्ड यील्ड बढ़ सकता है. इसलिए अधिकांश निवेशक एक स्वतंत्र फेड को पसंद करते हैं.
क्या कहते हैं जेरोम पॉवेल
फेडरल रिजर्व के चीफ जेरोम पॉवेल ने कहा,
”फेडरल रिजर्व की स्थापना करने वाला कानून राष्ट्रपति को किसी विशेष कारण के अलावा उन्हें निकालने की अनुमति नहीं देता है.”
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कानून के जानकारों की क्या है राय
ज्यादातर कानून के जानकार मानते हैं कि ट्रंप उन्हें फेडरल रिजर्व के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से नहीं निकाल सकते हैं. हालांकि, कुछ का मानना है कि उन्हें चेयरमैन पद से हटाया जा सकता है.
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लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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