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टैरिफ वार छेड़कर बुरे फंसे डोनाल्ड ट्रंप, चीन के बाद दो और देश लगा सकते हैं जवाबी शुल्क

Updated at : 04 Mar 2025 6:41 PM (IST)
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Donald Trump

Tariff War: डोनाल्ड ट्रंप की ओर से आयात शुल्क लगाने के फैसले के बाद अमेरिका को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. चीन के बाद अब कनाडा और मैक्सिको भी जवाबी शुल्क लगाने की तैयारी में हैं, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध और बढ़ सकता है.

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Tariff War: कनाडा, मैक्सिको और चीन समेत दुनिया के अन्य देशों के साथ टैरिफ वार छेड़कर डोनाल्ड ट्रंप बुरी तरह फंसते दिखाई दे रहे हैं. ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में आयात होने वाली वस्तुओं पर धड़ाधड़ अतिरिक्त शुल्क लगाना शुरू कर दिया है. उसके इस कदम के बाद प्रभावी देशों ने भी जवाबी शुल्क लगा दिया है या लगाने की तैयारी शुरू कर दी है. ट्रंप प्रशासन की ओर से अतिरिक्त शुल्क लगाने के बाद चीन ने अमेरिकी आयात जवाबी शुल्क को लागू कर दिया है. इसके बाद अब कनाडा और मैक्सिको भी जवाबी शुल्क लगाने की तैयारी में दिखाई दे रहे हैं.

महंगी जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं कनाडा और मैक्सिको

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कनाडा और मैक्सिको के खिलाफ लंबे समय से दी जा रही शुल्क की धमकी आखिरकार मंगलवार को लागू हो गई, जिससे वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल मच गई. अमेरिका के उत्तरी अमेरिकी सहयोगियों की ओर से महंगी जवाबी कार्रवाई की संभावना पैदा हो गई है.

मंगलवार की आधी रात से अमेरिकी शुल्क लागू

मंगलवार की आधी रात से ही कनाडा और मैक्सिको से आयात पर अब 25% टैक्स लगाना शुरू हो गया है, जबकि कनाडा के ऊर्जा उत्पादों पर 10% शुल्क लगेगा. इसके अलावा, फरवरी में ट्रंप ने चीन से आयात पर जो 10% शुल्क लगाया था, उसे दोगुना करके 20% कर दिया गया है.

100 अरब डॉलर से अधिक के सामानों पर शुल्क लगाएगा कनाडा

डोनाल्ड ट्रंप की कार्रवाई के जवाब में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि उनका देश 21 दिनों के दौरान 100 अरब डॉलर से ज्यादा के अमेरिकी सामानों पर शुल्क लगाएगा. मेक्सिको और चीन ने फिलहाल किसी जवाबी कार्रवाई के बारे में विस्तार से नहीं बताया है.

महामंदी को न्योता दे रहा डोनाल्ड ट्रंप का कदम

अमेरिकी राष्ट्रपति के कदमों ने महामंदी और विनाशकारी ट्रेड वॉर की आशंका को बढ़ा दिया है, जबकि उन्होंने अमेरिकी जनता से वादा किया था कि आयात पर कर राष्ट्रीय समृद्धि का सबसे आसान रास्ता है. उन्होंने मुख्यधारा के अर्थशास्त्रियों की चेतावनियों को दरकिनार करने और अपनी खुद की सार्वजनिक स्वीकृति को दांव पर लगाने की इच्छा दिखाई है. उनका मानना ​​है कि शुल्क देश की समस्याओं को ठीक कर सकते हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के राजनेताओं को कोसा

ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में कहा, “यह एक बहुत शक्तिशाली हथियार है जिसका राजनेताओं ने इस्तेमाल नहीं किया है. इसका कारण यह है कि वे या तो बेईमान थे, मूर्ख थे या उन्होंने किसी अन्य रूप में पैसे कमाए थे.” उन्होंने कहा, “…और अब हम उनका इस्तेमाल कर रहे हैं.”

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अतिरिक्त शुल्क कब कम करेगा अमेरिका

कनाडा और मेक्सिको के शुल्क मूल रूप से फरवरी में शुरू होने वाले थे, लेकिन ट्रंप ने दो सबसे बड़े अमेरिकी व्यापारिक साझेदारों के साथ आगे बातचीत करने के लिए 30-दिवसीय निलंबन पर सहमति व्यक्त की. शुल्क का घोषित कारण ड्रग तस्करी और अवैध आव्रजन को संबोधित करना है और दोनों देशों का कहना है कि उन्होंने इन मुद्दों पर प्रगति की है. हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि शुल्क तभी कम होंगे, जब अमेरिकी व्यापार असंतुलन बंद हो जाएगा. एक ऐसी प्रक्रिया जिसका राजनीतिक समयसीमा पर समाधान होने की संभावना नहीं है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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