Paytm, PhonePe और UPI जब पहले से हैं मौजूद, तो RBI ने क्यों लॉन्च की Digital Currency?
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 02 Dec 2022 6:46 AM
Paytm से लेकर Google Pay तक और UPI से लेकर PhonePe तक, हमारे सामने कई तरह के ऑनलाइन पेमेंट ऑप्शंस मौजूद हैं. ऐसे में आप भी सोच रहे होंगे कि इतने सारे ऑनलाइन पेमेंट ऑप्शंस की मौजूदगी के बीच सरकार को डिजिटल रुपया लाने की जरूरत क्यों पड़ी? आइए जानते हैं-
RBI Launch Retail Digital Rupee : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल रुपया (Digital Rupee) का इस्तेमाल आज, यानी 1 दिसंबर से शुरू कर दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने आम बजट में वित्त वर्ष 2022-23 से ब्लॉक चेन (Block Chain) आधारित डिजिटल रुपया (Digital Rupee) पेश करने की घोषणा की थी. शुरुआत में इस वर्चुअल करेंसी को चार बड़े शहरों में उतारा गया है. आगे चलकर दूसरे शहरों तक भी यह पहुंचेगा. डिजिटल करेंसी के इस पायलट प्रोजेक्ट में आठ बैंक शामिल किये गए हैं. ये बैंक यूजर को वॉलेट (Wallet) की सुविधा देंगे. इस वॉलेट में e₹-R के डिजिटल टोकंस होंगे, जिनका इस्तेमाल पेमेंट के लिए किया जा सकता है. इससे कोई यूजर दुकान पर लगे क्यूआर कोड की मदद से पेमेंट कर सकता है.
डिजिटल करेंसी क्या है?
डिजिटल करेंसी रिजर्व बैंक द्वारा जारी किये गए मुद्रा नोटों का डिजिटल रूप है. भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले महीने थोक कारोबार के लिए इस डिजिटल करेंसी के पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी. केंद्रीय बैंक ने अब इसे खुदरा बाजार में आजमाने की तैयारी की है. बता दें कि पिछले कुछ समय से भारत में ऑनलाइन भुगतान के माध्यम काफी लोकप्रिय हुए हैं. Paytm से लेकर Google Pay तक और UPI से लेकर PhonePe तक, हमारे सामने कई तरह के ऑनलाइन पेमेंट ऑप्शंस मौजूद हैं. ऐसे में आप भी सोच रहे होंगे कि इतने सारे ऑनलाइन पेमेंट ऑप्शंस की मौजूदगी के बीच सरकार को डिजिटल रुपया लाने की जरूरत क्यों पड़ी? यूपीआई, गूगल पे, फोन पे और पेटीएम जैसे डिजिटल वॅालेट्स से आरबीआई की डिजिटल करेंसी कैसे अलग है. आइए जानते हैं-
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डिजिटल रुपये की खासियत क्या है?
डिजिटल रुपया रिजर्व बैंक द्वारा जारी की गई मुद्रा का डिजिटल रूप है. डिजिटल रुपये का उपयोग यूपीआई, एनईएफटी, आरटीजीएस, आईएमपीएस, डेबिट/क्रेडिट कार्ड आदि के माध्यम से किये गए पेमेंट्स की ही तरह डिजिटल भुगतान करने के लिए किया जा सकता है. सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) या डिजिटल रुपये का इस्तेमाल यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT), रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) की तरह ही डिजिटल पेमेंट के लिए करने के लिए किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने आम बजट में वित्त वर्ष 2022-23 से ब्लॉक चेन (Block Chain) आधारित डिजिटल रुपया (Digital Rupee) पेश करने की घोषणा की थी. केंद्रीय बैंक ने हाल ही में कहा कि डिजिटल रुपया का उद्देश्य मुद्रा के मौजूदा रूपों को बदलने के बजाय डिजिटल करेंसी को उनका पूरक बनाना और यूजर्स को पेमेंट के लिए एक और ऑप्शन देना है.
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By Rajeev Kumar
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