मकान बनाने वाले सावधान! बढ़ने वाला सीमेंट का दाम

Cement Price Hike
Cement Price Hike: भारत के सीमेंट सेक्टर में आने वाले महीनों में मांग और कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से सुधार होने की उम्मीद जाहिर की जा रही है. मांग बढ़ने से कंपनियों को फायदा होगा, लेकिन कीमतों में बढ़ोतरी होने वाले मकान बनाने वाले लोगों को नुकसान होने की उम्मीद है. उन्हें बढ़ी कीमतों पर सीमेंट की खरीद करनी पड़ेगी.
Cement Price Hike: जमीन खरीदकर या फिर अपनी पुश्तैनी जमीन पर मकान बनाने वाले कृपया सावधान हो जाएं. अगर आप अपने परिवार के लिए नया मकान बनाने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है. खबर यह है कि आने वाले दिनों में सीमेंट की कीमत बढ़ने की संभावना जाहिर की जा रही है. यह खुलासा नुवामा रिसर्च की एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सीमेंट सेक्टर का आउटलुक काफी बेहतर हो रहा है. इसका कारण यह है कि आने वाले महीनों में डिमांड और प्राइस दोनों बढ़ने की संभावना अधिक है.
सीमेंट सेक्टर में सुधार की उम्मीद
नुवामा रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले महीनों में भारतीय सीमेंट सेक्टर में सुधार की उम्मीद है. वित्त वर्ष 2025 में मांग और कीमतों दोनों में वृद्धि की संभावना जताई गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल का आधार कम है, जिससे ग्रोथ की संभावना अधिक बनती है.
मई में बढ़ी सीमेंट की कीमतें
नुवामा रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि मई 2025 में सभी क्षेत्रों में सीमेंट की कीमतों में वृद्धि देखी गई. इसमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दक्षिण भारत में हुई, जिसके बाद पूर्व, मध्य और पश्चिम भारत का स्थान रहा. यह मूल्य वृद्धि मांग में सुधार के कारण हुई है. हालांकि, सीमेंट के डीलर मानते हैं कि मई के अंत तक यह बढ़ी हुई कीमतें आंशिक रूप से वापस ली जा सकती हैं.
सरकारी पूंजीगत खर्च से मिल रहा है समर्थन
सीमेंट की मांग में सुधार का एक बड़ा कारण केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से बढ़ाया गया पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) है. हालांकि, वित्त वर्ष 2025 के पहले आठ महीनों में केंद्र सरकार का पूंजीगत खर्च 12% कम रहा, लेकिन पूरे साल के आंकड़ों में इसमें 8% की बढ़ोतरी हुई. राज्य सरकारों ने भी इस साल पूंजीगत व्यय में 9% की वृद्धि की है.
भविष्य की योजनाएं और संभावनाएं
रिपोर्ट में कहा गया है कि कई राज्यों ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने पूंजीगत व्यय को और अधिक बढ़ाने की योजना बनाई है. महाराष्ट्र को छोड़कर बाकी सभी आठ प्रमुख राज्यों ने 12% से 69% तक अधिक बजट निर्धारित किया है. इससे भविष्य में सीमेंट की मांग को और गति मिलने की उम्मीद है.
अप्रैल 2025 में मांग थोड़ी कमजोर रही
वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में सीमेंट सेक्टर ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन अप्रैल 2025 में मांग थोड़ी कमजोर रही. यह कमी पिछले महीनों के धीमे पूंजीगत खर्च का नतीजा थी, जो साल के अंतिम हिस्से में तेज हुआ.
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वित्त वर्ष 2025 में घटा पूंजीगत व्यय
हालांकि, वित्त वर्ष 2025 में पूंजीगत व्यय की वृद्धि पिछले वर्षों की तुलना में कम रही है. फिर भी, आने वाले समय में सीमेंट सेक्टर में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है. नुवामा रिसर्च का मानना है कि मांग में सुधार और कीमतों में स्थिरता से इस क्षेत्र को नई गति मिलेगी.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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