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BYJU Raveendran को अमेरिकी अदालत से लगा बड़ा झटका, कोर्ट ने दिया 1 अरब डॉलर चुकाने का आदेश

Updated at : 23 Nov 2025 11:23 AM (IST)
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BYJU'S Raveendran

BYJU'S Raveendran

BYJU Raveendran: बायजू के संस्थापक बायजू रवींद्रन को अमेरिकी कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने उन्हें लेंडर्स को 1.07 अरब डॉलर से अधिक की राशि व्यक्तिगत रूप से चुकाने का आदेश दिया है. दस्तावेजों को नज़रअंदाज़ करने पर डेलावेयर कोर्ट ने यह कड़ा डिफॉल्ट निर्णय सुनाया है, जिससे उनकी कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं.

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BYJU Raveendran: एडुटेक कम्पनी BYJU’S के संस्थापक बायजू रवींद्रन की कानूनी परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं. अमेरिका की डेलावेयर दिवाला अदालत (Delaware Bankruptcy Court) ने एक कड़ा फैसला सुनाते हुए उन्हें लेंडर्स को एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि चुकाने का आदेश दिया है. यह फैसला बायजू अल्फा और अमेरिकी ऋणदाता GLAS ट्रस्ट कंपनी LLC की याचिका पर लिया गया है.

कोर्ट के आदेश को नजरअंदाज करना पड़ गया महंगा

अदालत ने यह डिफॉल्ट जजमेंट इसलिए सुनाया क्योंकि रवींद्रन ने जानबूझकर कोर्ट के दस्तावेजी जानकारी आदेश का पालन नहीं किया. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि रवींद्रन ने दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया में कई बार टालमटोल की और अदालत के निर्देशों को नजरअंदाज किया.

पहले भी, इसी मामले में दस्तावेज न देने पर अदालत ने कंटेम्प्ट ऑफ द कोर्ट का आदेश जारी किया था, लेकिन रवींद्रन ने न तो दस्तावेज दिए और न ही जुर्माने का भुगतान किया. 20 नवंबर 2025 को सुनाए गए इस नवीनतम फैसले में अदालत ने इसे दस्तावेजी आदेश का खुला उल्लंघन माना है. अदालत ने रवींद्रन को व्यक्तिगत रूप से यह बड़ी रकम चुकाने का निर्देश दिया है. कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, भुगतान की राशि को दो मुख्य हिस्सों में निर्धारित किया गया है.

उन्हें व्यक्तिगत रूप से 533,000,000 डॉलर की राशि का भुगतान करना होगा.इसके अलावा, विभिन्न कानूनी खंडों से संबंधित मामलों में 540,647,109.29 डॉलर की राशि चुकाने का आदेश है. कुल मिलाकर, यह राशि 1,073,647,109.29 डॉलर बनती है.

53.3 करोड़ डॉलर के फंड ट्रांसफर पर विवाद

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब बायजू अल्फा ने अमेरिकी लेंडर्स से $1 बिलियन का लोन लिया. बाद में, लेंडर्स ने आरोप लगाया कि 53.3 करोड़ डॉलर की राशि को लोन शर्तों का उल्लंघन करते हुए अमेरिका से बाहर भेज दिया गया.

इस फंड की जानकारी हासिल करने के लिए ही GLAS ट्रस्ट ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. अदालत ने रवींद्रन को यह भी निर्देश दिया है कि वह बायजू अल्फा के फंड, जिसमें कैमशाफ्ट एलपी (Camshaft LP) ब्याज से हुई आय भी शामिल है, का पूरा और सटीक हिसाब तुरंत दें.

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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