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Budget से पहले क्यों मनाई जाती है हलवा सेरेमनी, जानें परंपरा के पीछे की दिलचस्प कहानी

Updated at : 24 Jan 2025 10:41 AM (IST)
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Budget 2025

Budget से पहले क्यों मनाई जाती है हलवा सेरेमनी

Budget से पहले हलवा सेरेमनी एक पारंपरिक रस्म है, जो बजट दस्तावेजों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए मनाई जाती है आइए जानें, इस परंपरा के पीछे की दिलचस्प कहानी.

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Budget: हर साल केंद्रीय बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्रालय में एक विशेष परंपरा निभाई जाती है, जिसे ‘हलवा समारोह’ कहा जाता है. इस वर्ष भी यह परंपरा निभाई जाएगी. हलवा समारोह भारतीय बजट प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और बजट दस्तावेजों की छपाई की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है.

इस आयोजन के दौरान, वित्त मंत्रालय के अधिकारी और कर्मचारी एकत्रित होते हैं. समारोह में हलवा तैयार किया जाता है और इसे सभी के बीच वितरित किया जाता है. यह परंपरा भारतीय संस्कृति में शुभ कार्यों की शुरुआत में मिठाई बांटने की परंपरा का प्रतीक है.

बजट प्रक्रिया के दौरान लॉकडाउन

हलवा समारोह के बाद बजट तैयार करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को मंत्रालय के भीतर लॉकडाउन में रखा जाता है. गोपनीयता बनाए रखने के लिए वे बाहरी दुनिया से पूरी तरह से कट जाते हैं. इस अवधि में उनके मोबाइल फोन जमा कर लिए जाते हैं, और उनके परिवार या दोस्तों से संपर्क पूरी तरह बंद हो जाता है.

हलवा समारोह का महत्व

यह समारोह न केवल भारतीय संस्कृति का हिस्सा है, बल्कि बजट प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों के मनोबल को भी बढ़ाता है. यह टीम वर्क और एकजुटता को प्रोत्साहित करता है. समारोह के साथ ही बजट तैयार करने का अंतिम चरण शुरू हो जाता है, जिसे पूरी गोपनीयता के साथ पूरा किया जाता है.

हलवा समारोह की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

हलवा समारोह कब शुरू हुआ, इसके बारे में कोई निश्चित जानकारी नहीं है, लेकिन इसकी प्रासंगिकता 1950 के बाद बढ़ी. उस समय बजट की जानकारी लीक हो गई थी, जिसके बाद से गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाने लगा. अब बजट दस्तावेजों की छपाई वित्त मंत्रालय के अत्यधिक सुरक्षित तहखाने में होती है.

हलवा समारोह का उद्देश्य

यह परंपरा केवल मिठाई बांटने का आयोजन नहीं है, बल्कि बजट तैयार करने में जुड़ी कड़ी मेहनत और समर्पण का जश्न मनाने का तरीका है. यह प्रक्रिया टीम के सदस्यों को उनके लक्ष्य की ओर प्रेरित करती है और बजट तैयार करने की जिम्मेदारी को और भी खास बना देती है.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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