Budget For Farmers: PM मोदी का किसानों को बड़ा उपहार, ‘धन-धान्य कृषि योजना’ से मिलेगी मदद, 100 जिलों को किया जाएगा कवर
Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य कम उत्पादन वाले 100 जिलों में कृषि उत्पादकता बढ़ाना है.
Budget 2025: पीएम धन-धान्य योजना एक सरकारी योजना है जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सशक्त बनाने के लिए शुरू किया गया है. यह योजना किसानों की आय को बढ़ाने, कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करने और कृषि को लाभकारी बनाने पर केंद्रित है. इस योजना के तहत किसानों को मुफ्त में बीज, उर्वरक, कृषि उपकरण, और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाती है.
पीएम धन-धान्य योजना के प्रमुख उद्देश्य
- किसानों को वित्तीय सहायता: किसानों को कृषि उपकरण, बीज, और उर्वरक के लिए वित्तीय मदद देना.
- उत्पादन क्षमता में सुधार: कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए नई तकनीकों का उपयोग करना.
- कृषि क्षेत्र में रोजगार सृजन: कृषि और उससे संबंधित क्षेत्रों में अधिक रोजगार अवसर प्रदान करना.
- सभी किसानों तक पहुंच: विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों को योजना का लाभ प्रदान करना
योजना के तहत मिलने वाली सुविधाएं
- कृषि बीज: किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज मुहैया कराए जाते हैं, ताकि उत्पादन बढ़ सके.
- मुफ्त उर्वरक: कृषि की पैदावार बढ़ाने के लिए उर्वरक की आपूर्ति की जाती है.
- कृषि उपकरण: छोटे किसानों को कृषि उपकरण जैसे ट्रैक्टर, पंप सेट आदि की सब्सिडी दी जाती है.
- तकनीकी सहायता: नई तकनीकों और कृषि उपकरणों के उपयोग के बारे में प्रशिक्षण दिया जाता है.
- वित्तीय सहायता: किसानों को ऋण या अन्य वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है ताकि वे अपने कृषि कार्यों में सुधार कर सकें.
योजना का लाभार्थी कौन हो सकता है?
- किसान: इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को लाभ पहुंचाना है.
- ग्रामीण परिवार: जो कृषि कार्य करते हैं और उनकी आय को बढ़ाने के लिए सरकारी मदद चाहते हैं.
- महिलाएं: महिलाओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाता है कि वे कृषि कार्य में भाग लें और इस योजना का लाभ उठाएं.
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By अभिषेक पाण्डेय
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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।
करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।
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शिक्षा
अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।
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