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Bharat Coking Coal IPO Details: इन्वेस्ट करने से पहले जान लें ये 5 बड़ी बातें, कहीं हाथ से न निकल जाए कमाई का मौका

Updated at : 06 Jan 2026 1:17 PM (IST)
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Bharat Cocking Coal IPO

Bharat Cocking Coal IPO

Bharat Coking Coal IPO Details: भारतीय शेयर बाजार में 2026 की धमाकेदार शुरुआत होने जा रही है. कोल इंडिया की दिग्गज सब्सिडियरी भारत कोकिंग कोल (BCCL) साल का पहला मेनबोर्ड IPO लेकर आ रही है. अगर आप भी सरकारी कंपनी के इस सस्ते इशू में निवेश कर मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो दांव लगाने से पहले ये 5 बातें जरूर जान लें.

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Bharat Coking Coal IPO Details: भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला साल (2025) IPO के लिहाज से शानदार रहा. मजबूत अर्थव्यवस्था और निवेशकों के भरोसे के दम पर अब 2026 के पहले ‘मेनबोर्ड आईपीओ’ की शुरुआत होने जा रही है. कोल इंडिया की सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल (BCCL) अपना IPO लेकर आ रही है, जो 9 जनवरी से निवेश के लिए खुलेगा.

क्यों खास है यह IPO?

  • यह इस साल का पहला मेनबोर्ड पब्लिक इशू है, जिससे पूरे साल के बाजार का मूड तय होगा.
  • सबसे बड़ी ताकत यह है कि कंपनी पर कोई लंबा कर्ज (Long-term Debt) नहीं है, जो लंबे समय के निवेशकों के लिए अच्छा संकेत है.
  • यह देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी ‘कोल इंडिया’ की सब्सिडियरी है, जिससे इसे रणनीतिक मजबूती मिलती है.
  • यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है, यानी प्रमोटर (कोल इंडिया) अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं.

BCCL IPO की महत्वपूर्ण वो 5 महत्वपूर्ण डिटेल्स

डिटेल्स जानकारी
खुलने की तारीख9 जनवरी 2026
बंद होने की तारीख13 जनवरी 2026
प्राइस बैंड (कीमत)21 रुपए से 23 रुपए प्रति शेयर
लॉट साइज600 शेयर (न्यूनतम निवेश 13,800 रुपए)
लिस्टिंग की तारीख16 जनवरी 2026 (BSE और NSE पर)

इंवेस्टर्स को कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा, जिसमें 600 शेयर होंगे यानी ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से आपको न्यूनतम 13,800 रुपए का निवेश करना होगा. अंत में, शेयरों की लिस्टिंग 16 जनवरी 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर की जाएगी.

क्या करती है भारत कोकिंग कोल?

भारत कोकिंग कोल एक सरकारी कंपनी (PSU) है, जो कोल इंडिया के तहत काम करती है. यह मुख्य रूप से उच्च गुणवत्ता वाले कोकिंग कोल के खनन और सप्लाई का काम करती है. देश के स्टील सेक्टर के लिए यह कंपनी रीढ़ की हड्डी मानी जाती है, क्योंकि स्टील बनाने के लिए जिस कोयले की जरूरत होती है, उसका सबसे बड़ा हिस्सा यही कंपनी उपलब्ध कराती है. भारत के कुल घरेलू उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 58.5% है.

कंपनी की आर्थिक स्थिति पर एक नजर

निवेश करने से पहले वित्तीय सेहत को समझना जरूरी है. वित्त वर्ष 2025 में कंपनी के रेवेन्यू में मामूली गिरावट देखी गई और यह 1,39,984 मिलियन रुपए रहा. खर्चों में बढ़ोतरी के कारण कंपनी का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) भी पिछले साल के मुकाबले घटकर 12,401 मिलियन रुपए रह गया है. हालांकि, कंपनी की बाजार में पकड़ और स्टील सेक्टर में इसकी मांग को देखते हुए निवेशक इसे एक बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं.

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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