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BCCL IPO: पहले ही दिन ओवरसब्सक्राइव हो गया मिनी रत्न का आईपीओ, आठ गुना अभिदान मिला

BCCL IPO: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) का आईपीओ पहले ही दिन निवेशकों के बीच जबरदस्त आकर्षण का केंद्र बन गया. कोल इंडिया की इस मिनी रत्न कंपनी के 1,071 करोड़ रुपये के इश्यू को पहले दिन करीब आठ गुना सब्सक्रिप्शन मिला. गैर-संस्थागत और खुदरा निवेशकों की ओर से जोरदार बोली देखने को मिली, जबकि एंकर निवेशकों से पहले ही 273 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं. मजबूत मांग ने 2026 के आईपीओ बाजार की शानदार शुरुआत के संकेत दिए हैं.

BCCL IPO: कोल इंडिया की सब्सिडियरी और ‘मिनी रत्न’ कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) शुक्रवार को पहले ही दिन ओवरसब्सक्राइब हो गया. एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक, 1,071 करोड़ रुपये के इस इश्यू को पहले दिन कुल 8.08 गुना अभिदान मिला. कंपनी ने 34.69 करोड़ शेयरों की पेशकश की थी, जिसके मुकाबले 280.50 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आईं.

रिटेल और एनआईआई ने दिखाई सबसे ज्यादा रुचि

सब्सक्रिप्शन डेटा के अनुसार, गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) की श्रेणी में सबसे ज्यादा उत्साह देखने को मिला, जहां 16.39 गुना अभिदान हुआ. खुदरा निवेशकों (आरआईआई) का हिस्सा भी 9.26 गुना भरा गया. वहीं, पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) का हिस्सा पहले दिन करीब 30% सब्सक्राइब हुआ. इससे साफ है कि शुरुआती चरण में रिटेल और हाई-नेटवर्थ निवेशकों का भरोसा इस आईपीओ में ज्यादा दिखा.

एंकर निवेशकों से पहले ही जुटाए 273 करोड़ रुपये

बीसीसीएल ने आईपीओ खुलने से पहले ही एंकर निवेशकों से 273 करोड़ रुपये से अधिक जुटा लिए थे. कंपनी का कहना है कि यह 2026 का पहला ‘मेनबोर्ड’ आईपीओ है, जिससे बाजार में नए साल की शुरुआत काफी मजबूत मानी जा रही है. यह इश्यू 13 जनवरी को बंद होगा.

प्राइस बैंड और कंपनी का वैल्यूएशन

कंपनी ने आईपीओ के लिए 21 से 23 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. ऊपरी मूल्य पर कंपनी का कुल मूल्यांकन 10,700 करोड़ रुपये से ज्यादा बैठता है. इस आईपीओ के जरिए सरकारी कंपनी कोल इंडिया अपनी करीब 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है.

मजबूत सेक्टर ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कोकिंग कोल सेक्टर की स्ट्रक्चरल डिमांड इस आईपीओ की सफलता का बड़ा कारण है. स्टील उत्पादन, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और औद्योगिक विस्तार के चलते कोकिंग कोल की मांग लगातार बनी हुई है. कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट महेश ओझा ने कहा कि बीसीसीएल के आईपीओ में जिस रफ्तार से सब्सक्रिप्शन आया है, वह 2026 के पूरे आईपीओ बाजार के लिए माहौल तय करता है.

भारत की रणनीति में भूमिका निभाती है बीसीसीएल

कोकिंग कोल ब्लास्ट फर्नेस आधारित स्टील निर्माण के लिए बेहद जरूरी कच्चा माल है. भारत आयात पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहा है, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा क्रूड स्टील उत्पादक है. ऐसे में बीसीसीएल जैसी कंपनियों की रणनीतिक अहमियत और भी बढ़ जाती है.

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कंपनी की वित्तीय स्थिति

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड का रेवेन्यू 3% घटकर 138.03 अरब रुपये रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 20% गिरकर 12.4 अरब रुपये हो गया. 31 मार्च 2025 तक कंपनी के पास लगभग 1,495 मिलियन टन का कोल रिजर्व मौजूद था. उम्मीद की जा रही है कि कंपनी के शेयर 16 जनवरी को शेयर बाजार में लिस्ट होंगे.

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Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

KumarVishwat Sen
KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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