बैंक ऑफ अमेरिका का फैसला: जेफरी एपस्टीन मामले में पीड़ितों को देगा ₹600 करोड़, जानें क्या था पूरा विवाद

Updated at : 28 Mar 2026 3:33 PM (IST)
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Bank of America

एपस्टीन मामले में बैंक ऑफ अमेरिका का ₹600 करोड़ का सेटलमेंट (फोटो/Reuters)

Bank of America: बैंक ऑफ अमेरिका ने जेफरी एपस्टीन की यौन तस्करी गतिविधियों में कथित मदद के आरोपों को सुलझाने के लिए $72.5 मिलियन (₹600 करोड़) देने का फैसला किया है. बैंक पर आरोप था कि उसने एपस्टीन के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन को नजरअंदाज कर मुनाफा कमाया.

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Bank of America: अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े बैंक, ‘बैंक ऑफ अमेरिका’ ने उन महिलाओं के साथ समझौता किया है जिन्होंने बैंक पर गंभीर आरोप लगाए थे. महिलाओं का दावा था कि बैंक ने जेफरी एपस्टीन द्वारा किए गए यौन शोषण और मानव तस्करी (Sex Trafficking) के अपराधों को जानते हुए भी नजरअंदाज किया और उससे मुनाफा कमाया.

7.25 करोड़ डॉलर का समझौता

शुक्रवार को आए अदालती दस्तावेजों के अनुसार, बैंक ऑफ अमेरिका इस दीवानी मुकदमे को खत्म करने के लिए 7.25 करोड़ डॉलर देने को तैयार हो गया है. बैंक के प्रवक्ता ने कहा कि हालांकि बैंक अब भी अपनी इस बात पर कायम है कि उसने किसी अपराध में मदद नहीं की, लेकिन पीड़ितों को न्याय दिलाने और इस मामले को पीछे छोड़ने के लिए यह समझौता किया गया है.

क्या थे आरोप ?

‘जेन डो’ (Jane Doe) नाम की एक महिला द्वारा दायर इस क्लास-एक्शन मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि बैंक ऑफ अमेरिका ने एपस्टीन से जुड़ी संदिग्ध वित्तीय लेनदेन (Transactions) को जानबूझकर नजरअंदाज किया. शिकायत के मुताबिक, बैंक के पास एपस्टीन के अपराधों के बारे में काफी जानकारी थी, लेकिन उसने पीड़ितों की सुरक्षा के बजाय अपने मुनाफे को ऊपर रखा. इन संदिग्ध लेनदेनों में अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के अरबपति सह-संस्थापक लियोन ब्लैक द्वारा एपस्टीन को किए गए भुगतान भी शामिल थे.

पीड़ितों के लिए जरूरी राहत

पीड़ितों के वकीलों का कहना है कि यह समझौता उनके क्लाइंट के लिए सबसे अच्छा विकल्प है, क्योंकि कई महिलाएं सालों पहले हुए इस शोषण का दर्द झेल रही हैं और उन्हें अभी तुरंत वित्तीय मदद की जरूरत है. इस समझौते की राशि का लगभग 30% (करीब $2.18 करोड़) कानूनी फीस के रूप में जा सकता है. अब इस समझौते पर अंतिम मुहर लगाने के लिए गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई होगी.

अन्य बैंक भी दे चुके हैं हर्जाना

बैंक ऑफ अमेरिका इकलौता बैंक नहीं है जो इस मामले में फंसा है. 2023 में इसी तरह के आरोपों के बाद जेपी मॉर्गन चेस (JPMorgan Chase) ने $290 मिलियन और ड्यूश बैंक (Deutsche Bank) ने $75 मिलियन का हर्जाना देने पर सहमति जताई थी. जेफरी एपस्टीन की 2019 में जेल में मौत हो गई थी, जब वह यौन तस्करी के आरोपों में मुकदमे का सामना कर रहा था.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

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अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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