अयोध्या के राम रसोई में पहली बार थमा लंगर, LPG किल्लत से देशभर में मचा हाहाकार

Updated at : 11 Mar 2026 9:37 PM (IST)
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Ram Rasoi

अयोध्या के राम रसोई

Ram Rasoi: ईरान-इजराइल युद्ध के चलते भारत में गैस की किल्लत गहरा गई है. अयोध्या की राम रसोई 8 साल में पहली बार बंद हुई है. सरकार ने पैनिक बुकिंग न करने की सलाह देते हुए कहा है कि सप्लाई सामान्य करने के लिए 25% उत्पादन बढ़ाया गया है.

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Ayodhya Ram Rasoi: दुनिया के दूसरे छोर पर हो रही जंग का असर अब अयोध्या तक पहुंच गया है. वैश्विक तनाव के कारण देश में पैदा हुई एलपीजी (LPG) की भारी किल्लत ने एक ऐसा मंजर पैदा कर दिया है जो अयोध्या में पिछले 8 सालों में कभी नहीं देखा गया. अयोध्या में श्रद्धालुओं को मुफ्त भोजन कराने वाली प्रसिद्ध राम रसोई को गैस सिलेंडरों की कमी के चलते बंद करना पड़ा है.

राम मंदिर के लंगर पर लगा ब्रेक

राम मंदिर आने वाले भक्तों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है. रसोई प्रबंधन का कहना है कि सिलेंडरों की सप्लाई न होने के कारण उनके पास खाना बनाने का कोई साधन नहीं बचा. सिर्फ अयोध्या ही नहीं, बल्कि यूपी, दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों में कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रुकने से हजारों होटल और रेस्टोरेंट्स में चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं.

सरकार का दावा गैस की कोई कमी नहीं

एक तरफ जहां गैस एजेंसियों पर सुबह 3 बजे से लंबी कतारें लग रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने इन खबरों को पूरी तरह से अफवाह बताया है. पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.

  • सरकार के अनुसार, घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी अभी भी औसतन 2.5 दिन में ही हो रही है.
  • सप्लाई को सुचारू रखने के लिए घरेलू एलपीजी का उत्पादन 25% तक बढ़ा दिया गया है.
  • भारत ने अब तेल मंगाने के रास्तों को बदल दिया है ताकि युद्ध का असर कम हो. मंत्रालय ने बताया कि एलएनजी (LNG) के दो बड़े जहाज अगले 48 घंटों में भारत पहुंच जाएंगे.

कर्मचारियों के रोजगार पर भी मंडरा रहा खतरा

कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रुकने से हजारों होटल और रेस्टोरेंट्स बंद होने के कगार पर आ गए हैं. रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो छोटे और मध्यम स्तर के रेस्टोरेंट के लिए बढ़ती लागत को संभालना मुश्किल हो जाएगा. ऐसे में खर्च कम करने के लिए कर्मचारियों के वेतन में कटौती या स्टाफ कम करने जैसे कदम भी उठाने पड़ सकते हैं.

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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