क्रेडिट कार्ड बिल भरने में हुई देरी ? अब घबराएं नहीं, RBI ने दिया 3 दिन का एक्स्ट्रा टाइम
सांकेतिक तस्वीर (फोटो : Canva)
Credit Card Rules : अगर आप भी क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और अक्सर ड्यू डेट (Bill Date) भूल जाने के डर से परेशान रहते हैं, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आपको बड़ी राहत दी है. अब बिल की आखिरी तारीख निकलने के तुरंत बाद बैंक आप पर ‘लेट फीस’ का हथौड़ा नहीं चला पाएंगे.
Credit Card Rules : अगर आप भी क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और अक्सर ड्यू डेट (Bill Date) भूल जाने के डर से परेशान रहते हैं, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आपको बड़ी राहत दी है. अब बिल की आखिरी तारीख निकलने के तुरंत बाद बैंक आप पर ‘लेट फीस’ का हथौड़ा नहीं चला पाएंगे.
तीन दिन की मोहलत
आरबीआई के नए नियमों के मुताबिक, अब ग्राहकों को ड्यू डेट के बाद 3 दिन का ग्रेस पीरियड (अतिरिक्त समय) मिलेगा. सीधी भाषा में समझें तो अगर आपके बिल जमा करने की आखिरी तारीख 10 तारीख है, तो बैंक आप पर 13 तारीख तक कोई लेट फीस नहीं लगा सकता. यह उन लोगों के लिए लाइफलाइन है जो तकनीकी खराबी या किसी जरूरी काम की वजह से ऐन मौके पर पेमेंट नहीं कर पाते.
लेट फीस का बोझ होगा कम
अब तक कई बैंक पूरे बिल पर जुर्माना ठोक देते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अब जुर्माना केवल उस राशि पर लगेगा जो आपने जमा नहीं की है (Outstanding Amount). मान लीजिए आपका बिल ₹10,000 था और आपने ₹8,000 चुका दिए, तो लेट फीस सिर्फ बचे हुए ₹2,000 पर ही लगेगी, पूरे ₹10,000 पर नहीं.
क्रेडिट स्कोर का रखें ध्यान
भले ही आपको 3 दिन का समय मिल गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप इसे आदत बना लें. अगर आप ग्रेस पीरियड के बाद भी बिल नहीं भरते हैं, तो बैंक आप पर भारी जुर्माना लगाएगा. आपकी यह देरी क्रेडिट ब्यूरो (CIBIL) को रिपोर्ट कर दी जाएगी, जिससे आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता है और भविष्य में लोन मिलना मुश्किल हो जाएगा.
प्राकृतिक आपदा में बैंक खुद बढ़ाएंगे हाथ
एक और मानवीय कदम उठाते हुए आरबीआई ने कहा है कि अगर किसी इलाके में प्राकृतिक आपदा (जैसे बाढ़ या भूकंप) आती है, तो बैंकों को राहत देने के लिए ग्राहकों के आवेदन का इंतजार नहीं करना होगा. बैंक खुद आगे बढ़कर भुगतान की शर्तों में ढील दे सकेंगे.
कब से लागू होंगे ये नियम ?
- प्राकृतिक आपदा से जुड़ी राहत: 1 जुलाई 2026 से.
- क्रेडिट कार्ड के नए नियम: 1 अप्रैल 2027 से पूरी तरह प्रभावी होंगे.
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लेखक के बारे में
By अभिषेक पाण्डेय
अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।
पत्रकारिता अनुभव
अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।
करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।
शिक्षा
अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।
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