8वें वेतन आयोग का इंतजार खत्म? जानिए फिटमेंट फैक्टर और सैलरी बढ़ोतरी का पूरा गणित

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8th Pay Commission

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8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर 2.86 तक होने की संभावना, जिससे सैलरी और पेंशन में 40-50% तक बढ़ोतरी संभव. जानें पूरा गणित!

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8th Pay Commission: 16 जनवरी में केंद्र सरकार द्वारा आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की घोषणा के बाद से सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बदलाव की संभावनाएं तेज हो गई है. इस फैसले के बाद अब चर्चाएं हो रही हैं कि केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है.

क्या है फिटमेंट फैक्टर?

फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा मल्टीप्लायर (Multiplier) होता है, जिसका उपयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) की गणना के लिए किया जाता है. यह हर वेतन आयोग में अलग-अलग निर्धारित किया जाता है.

  • 6वें वेतन आयोग (6th CPC) में फिटमेंट फैक्टर 1.86 था.
  • 7वें वेतन आयोग (7th CPC) में इसे 2.57 निर्धारित किया गया.
  • 8वें वेतन आयोग (8th CPC) में फिटमेंट फैक्टर 2.28 से 2.86 तक हो सकता है.

अगर इसे 2.86 निर्धारित किया जाता है, तो इससे कर्मचारियों की सैलरी में 40-50% तक की बढ़ोतरी संभव है.

8वें वेतन आयोग से कितनी बढ़ेगी सैलरी?

यदि नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.86 तय होता है, तो कर्मचारियों के वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. उदाहरण के लिए:

  • यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 20,000 रुपये है, तो नया वेतन:
    20,000 × 2.86 = 57,200 रुपये

मिनिमम बेसिक सैलरी और पेंशन में संभावित वृद्धि

अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.86 होता है, तो न्यूनतम वेतन और पेंशन इस प्रकार बढ़ सकता है:

  • मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी: 18,000 रुपये
  • संभावित नई न्यूनतम बेसिक सैलरी: 18,000 × 2.86 = 51,480 रुपये
  • मौजूदा न्यूनतम पेंशन: 9,000 रुपये
  • संभावित नई न्यूनतम पेंशन: 9,000 × 2.86 = 25,740 रुपये

8वें वेतन आयोग से अन्य लाभ

8वें वेतन आयोग लागू होने के बाद सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि भत्तों और अन्य लाभों में भी वृद्धि की संभावना है.

  • महंगाई भत्ता (DA): वेतन में बढ़ोतरी के साथ महंगाई भत्ता भी बढ़ सकता है.
  • परफॉर्मेंस पे (Performance Pay): कर्मचारियों की कार्यक्षमता के आधार पर वेतन में अतिरिक्त लाभ दिए जाने की संभावना है.
  • अन्य भत्ते: मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और अन्य भत्तों में भी संशोधन हो सकता है.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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