Girl Marriage With Dog Video: कुत्ते संग 11 महीने की बच्ची की शादी, हो जनजाति की अनोखी परंपरा

Updated:
विज्ञापन
Loading video player...

dog married with children

Girl Marriage With Dog: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम के चाइबासा का चिमीसाई गांव. हो जनजातियों का मागे परब (त्योहार) चल रहा है. ढोल-नगाड़े और मांदर बज रहे हैं. पहले तो ये आम त्योहार जैसा लगा. लेकिन उस वक्त आंखों पर भरोसा नहीं हुआ जब दूल्हे राजा की बारात निकली. दूल्हे राजा धोती पहने हुए अम्मा की गोद में बैठे थे और कांय, कांय कर रहे हैं.

विज्ञापन

Girl Marriage With Dog: गांव की शांति सिदू कहती हैं– हां यही दूल्हा है. और दुल्हन एक 11 महीने की बच्ची है. वो किसी की गोद में होगी. ध्यान से देखिए, दिखेगी. अब तो मेरी आंखें और बड़ी हो गईं. असल में 11 महीने की बच्ची का दूल्हा कोई मासूम बच्चा नहीं. एक कुत्ता था. ये क्या हो रहा है?

मैं चौका! भला ऐसा कैसे हो सकता है? दुधमुंही बच्ची, जिसे होश भी नहीं है, उसने ठीक से अभी चलना भी नहीं सीखा है और उसकी शादी कराई जा रही है, और वो भी कुत्ते से. मैं हैरान था,

सिदू कहती हैं– चौंकिए मत. नॉर्मल सी शादी है.

लेकिन शादी नॉर्मल नहीं बल्कि एक शादी में आप जो कुछ सोच सकते हैं, वो सबकुछ है, बैंड, बाजा और बाराती. दूल्हे राजा की बारात में ढोल–नगाड़े और मांदर की थाप पर गांव के युवा जमकर नाच रहे थे. महिलाएं भी जश्न मना रही थीं.

Baby-Girl-married-with-dog-chibasa
Baby-girl-married-with-dog-chibasa

दूल्हा बने कुत्ते राजा को पहनाई गई धोती, लाल पाड़ वाली साड़ी में तैयार थी 11 महीने की दुल्हन

कुत्ते को दूल्हे की तरह तैयार किया गया है. उसे धोती पहनाई गई है और एक महिला उसे अपने गोद में उठाकर बारातियों के साथ चल रही है. दूल्हा बने कुत्ते को छतरी की छांव में पूरे सम्मान के साथ दुल्हन के घर लेकर जाया जा रहा है. छतरी को भी फूलों से सजाया गया है. छतरी के किनारे में बिस्कीट और चॉकलेट भी लटक रहे हैं. गोद में बैठे दूल्हे राजा को समझ में नहीं आ रहा था कि उसके साथ हो क्या रहा है. उसी समय नन्ही दुल्हन को पीले रंग की लाल पाड़ वाली साड़ी पहनाकर तैयार रखा गया था. 

Baby-Girl-married-with-dog-jharkhand
Baby-girl-married-with-dog-jharkhand

विशेष पूजा के बाद बारात पहुंची दुल्हन के घर

दूल्हा बने कुत्ते की बारात, दुल्हन के घर जा रही थी, उसी समय पहान रास्ते में पूजन करते दिखाई दिये. वो कुछ मंत्र पढ़ रहे थे, उनके पास पूजन की सामग्री मौजूद थी. गांव के ही एक युवक जगन्नाथ ने बताया, विवाह अच्छे से संपन्न हो, कोई अशुभ न हो, इसके लिए पूजा किया जा रहा है. पूजा करने के बाद पूजारी ने एक चूजे की बली भी दी और तब बारात आगे बढ़ती है. 

ho tribe jharkhand
Ho tribe jharkhand

दूल्हा–दुल्हन का दरवाजे पर खास स्वागत

बारात जब दुल्हन के घर पहुंचती है, तो दुल्हन और दूल्हे राजा का खास तरीके से स्वागत किया जाता है. दूल्हा बने कुत्ते और बच्ची का एक साथ द्वार पर पैर धोया जाता है. जिसमें महिलाएं आपस में थोड़ी हंसी–ठिठोली भी करती हैं. वहां हो विवाह गीत और न‍ृत्य भी किया जा रहा था.

कुत्ते से कराई गई मांग भराई की रस्म

कुत्ते की शादी में शामिल बारातियों को सम्मान के साथ आंगन में बैठाया गया और फिर शादी की प्रक्रिया शुरू की जाती है. आंगन में बिछी चटाई पर दो पत्तल पर दूल्हे और दुल्हन को बैठाया गया. शादी की रस्में पूरी होने के बाद दूल्हा बने कुत्ते की आगे वाली टांग के नाखून में सिंदूर लगाई गई और उसे पकड़कर नन्ही बच्ची के माथे पर सटा दिया गया. इस तरह बच्ची और कुत्ते की शादी का विधान पूरा किया जाता है. विवाह के दौरान आंगन में दोनों पक्ष के लोग नाच–गा रहे थे. ढोल–नगाडे और मांदर बच रहे थे. 

11 महीने की बच्ची और कुत्ते की शादी के पीछे क्या है कारण

गांव की शांति सिदू ने 11 महीने की बच्ची और कुत्ते की शादी के पीछे की पूरी कहानी बताई, “जब किसी बच्चे का सेता दांत (ऊपरी जबड़े में निकला पहला दांत) निकलता है, तो उसे हो जनजातियों में अशुभ माना जाता है. उसके निवारण के लिए कुत्ते से बच्चे की शादी कराई जाती है. अगर बच्चा है तो कुतिया से और बच्ची है तो उसकी शादी कुत्ते से कराई जाती है. यह परंपरा हो जनजातियों में आज भी जिंदा है.”

शादी के बाद कुत्ते को खुले में छोड़ दिया गया

शादी के बाद कुत्ते को खुले में छोड़ दिया गया. शांति सिदू ने बताया, “कुत्ते को अगर कोई पालना चाहे तो पाल सकता है, नहीं तो वह खुले में घुमता रहेगा, लोग उसे परेशान नहीं करेंगे.” उसने बताया, “ ऐसी मान्यता है कि कुत्ते के साथ शादी कराने से बच्ची के सारे अपशगुन उसमें चला जाता है.”

विज्ञापन
अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola