8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत की खबर जरूर है, लेकिन सैलरी बढ़ोतरी को लेकर पूरी तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है. केंद्र सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है. वहीं दूसरी ओर, 1 जनवरी से महंगाई भत्ता (DA) कितना बढ़ेगा, इसका फैसला दिसंबर 2025 के महंगाई आंकड़े आने के बाद ही होगा.
7वां वेतन आयोग खत्म, 8वें का इंतजार शुरू
7वें वेतन आयोग की 10 साल की अवधि 31 दिसंबर 2025 को पूरी हो चुकी है. ऐसे में लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स अब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं. सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग की घोषणा की थी और इसके Terms of Reference (ToR) को भी मंजूरी मिल चुकी है. यह आयोग कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन की समीक्षा करेगा.
कर्मचारियों की सबसे बड़ी उम्मीदें क्या हैं?
केंद्रीय कर्मचारियों के बीच इस समय सबसे ज्यादा चर्चा दो अहम मुद्दों को लेकर है, न्यूनतम वेतन में कितनी बढ़ोतरी होगी और 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर क्या तय किया जाएगा. 7वें वेतन आयोग के दौरान न्यूनतम वेतन को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया गया था, जिससे कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिला था. इसी अनुभव के चलते इस बार भी कर्मचारियों को उम्मीद है कि न्यूनतम वेतन में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
8वां वेतन आयोग कब से लागू हो सकता है?
सरकारी परंपरा के अनुसार हर 10 साल में नया वेतन आयोग लागू किया जाता है. इसी आधार पर माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी. हालांकि, अगर आयोग अपनी रिपोर्ट 2027 के अंत तक देता है और इसे लागू करने में 2028 तक का समय लगता है, तब भी कर्मचारियों को जनवरी 2026 से एरियर मिलने की पूरी संभावना है, जैसा कि 7वें वेतन आयोग के समय हुआ था.
सैलरी बढ़ोतरी कैसे तय होगी?
8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी बढ़ोतरी का सबसे अहम आधार फिटमेंट फैक्टर होगा. 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था, जिसके जरिए मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा कर नई सैलरी तय की गई थी. इस बार फिटमेंट फैक्टर को 2.15 या उससे ज्यादा रखने की अटकलें लगाई जा रही हैं. इसी फिटमेंट फैक्टर के आधार पर कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी और कुल वेतन तय होगा.
1 जनवरी से DA कितना बढ़ेगा? अभी सस्पेंस बरकरार
जहां एक तरफ 8वें वेतन आयोग की चर्चा है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों की नजरें महंगाई भत्ते (DA) पर टिकी हैं. असल में, 1 जनवरी 2026 से DA कितना बढ़ेगा, इसका जवाब अभी अधूरा है. श्रम ब्यूरो के मुताबिक, नवंबर 2025 में CPI-IW इंडेक्स 0.5 अंक बढ़कर 148.2 पर पहुंच गया है. वहीं सालाना महंगाई दर घटकर 2.56% रह गई है, जो नवंबर 2024 में 3.88% थी.
DA का पूरा गणित CPI-IW से जुड़ा
सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) सीधे तौर पर CPI-IW के पिछले 12 महीनों के औसत के आधार पर तय किया जाता है. हालांकि नवंबर 2025 के आंकड़े जारी हो चुके हैं, लेकिन दिसंबर 2025 का CPI-IW डेटा अभी आना बाकी है. जब तक दिसंबर के आंकड़े सामने नहीं आते, तब तक यह तय नहीं हो सकता कि DA में कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी और 1 जनवरी 2026 से कर्मचारियों की सैलरी में कितना इजाफा होगा.
नवंबर के आंकड़े क्या इशारा करते हैं?
नवंबर महीने में CPI-IW में हल्की बढ़त जरूर देखने को मिली है, लेकिन सालाना आधार पर महंगाई दर में गिरावट दर्ज की गई है. इससे संकेत मिलते हैं कि इस बार DA में बढ़ोतरी बहुत ज्यादा नहीं हो सकती है या फिर सरकार मौजूदा महंगाई के ट्रेंड को ध्यान में रखकर कोई संतुलित फैसला ले सकती है. हालांकि अंतिम फैसला पूरी तरह दिसंबर के आंकड़ों पर निर्भर करेगा.
दिसंबर CPI-IW डेटा कब आएगा?
आमतौर पर श्रम ब्यूरो जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत में दिसंबर महीने का CPI-IW डेटा जारी करता है. इसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि 1 जनवरी 2026 से केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और महंगाई भत्ते में कितना इजाफा होगा.
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